नई दिल्ली: जिस गुजरात से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आते हैं, उसी गुजरात में एक मौलाना के अंदर पाकिस्तानी आतंकियों के समर्थन के लिए काम किया जा रहा था. सिर्फ वैचारिक ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी आतंकियों का समर्थन किया जा रहा था. लेकिन जब गुजरात सरकार को इस मदरसे के बारे में जानकारी मिली तो तुरंत ही गृह मंत्री हर्ष सिंघवी ने बुसडोजर बुलवाया. और मदरसे के ऊपर चलवा दिया. साथ ही मौलाना को भी जेल की काल कोठरी में डलवा दिया.
दरअसल ये पूरा मामला गुजरात के अमरेली और अहमदाबाद से जुड़ा हुआ है. क्योंकि मौलाना मोहम्मद फजल अब्दुल अजीज शेख अहमदाबाद का रहने वाला है, लेकिन वो अमरेली में एक मदरसा चला रहा था. इसमें सबसे अहम बात ये थी कि मदरसे को अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था. और पहलगाम में हुए पाकिस्तानी आतंकियों के कायराना हमले के बाद इस मौलाना को गुजरात पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिस दौरान यहां कई संदिग्ध चीजें पुलिस को मिली थीं. जिसमें 7 पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप भी जलाए जा रहे थे. जिसेक बाद पुलिस ये पता करने में जुटी है कि मौलाना का किन संदिग्ध लोगों के साथ संबंध था, और वो इन ग्रुप के माध्यम से क्या करना चाहता था? लेकिन इसी बीच जब पुलिस ने जांच की तो इस मदरसे के दस्तावेज भी नहीं मिल सके, मौलाना से पूछा गया कि जमीन किसकी है तो उसके बारे में भी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किये जा सके.
फिर पुलिस ने इस अवैध मदरसे को ढहाने की पूरी तैयारी की, बुलडोजर चलाने से पहले पूरे इलाके में हाई अलर्ट रखा गया, पुलिस की तैनाती की गई. जिसके बाद बुलडोजर एक्शन के माध्यम से इस अवैध मदरसे को मिट्टी में मिला दिया गया. हालांकि इस दौरान वहां मौजूद समुदाय विशेष के लोगों नो कोई हंगामा नहीं किया. जिससे पुलिस का काम और भी ज्यादा आसान हो गया. अब फिलहाल पुलिस इस मौलाना से पूछताछ करने में जुटी है, और जानने की कोशिश कर रही है कि क्या पहलगाम में हुएआतंकी हमले में भी इसका कोई हाथ है?