Hathras Satsang Stanpede: हाथरस वाले बाबा का राजनीति कनेक्शन निकला तगड़ा, 6 जिलों के 60 से ज्यादा नेता रडार पर

Global Bharat 07 Jul 2024 3 Mins 813 Views
Hathras Satsang Stanpede: हाथरस वाले बाबा का राजनीति कनेक्शन निकला तगड़ा, 6 जिलों के 60 से ज्यादा नेता रडार पर

हाथरस वाले बाबा का राजनीतिक कनेक्शन कितना तगड़ा है, किन नेताओं से उसके संपर्क हैं, फरारी के दौरान किस-किस ने उसे फोन किया, कौन है जो नारायण साकार हरि (Narayana Saakar Hari) को बचाना चाहता है, कौन है जो नारायण साकार हरि के चरणों की धूल अभी भी भक्तों के माथे पर चढ़वाना चाहता है, कौन है जो अभी सत्संग में मौत बांटने वाले बाबा की मदद करना चाहता है, इसका पता जब योगी की पुलिस ने लगाया तो उसके भी जमीन तले पांव खिसक गए.

योगी की पुलिस को अंदाजा नहीं था कि बाबा का राजनीतिक कनेक्शन इतना तगड़ा है. एसपी साहब ने बकायदा मीडिया के सामने आकर कहा बाबा के राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि 6 जिलों के करीब 60 नेता यूपी पुलिस (UP Police) की रडार पर हैं, जो बाबा की किसी भी तरह से संपर्क में रहे हैं. जिन्होंने हाथरस में हुई घटना के बाद बाबा की मदद करने की कोशिश की है.

उपेन्द्र यादव का सामने आया नाम

इन्हीं में से एक नेता है उपेन्द्र यादव, जिसका सपा औऱ बसपा दोनों से संपर्क रहा है. बाद में ये बाबा के सेवादार बन गया और अब यूपी एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया है. दलित मतदाताओं में पकड़ बनाने के लिए कई स्थानीय नेता बाबा को भगवान मानने लगे थे औऱ उनके लिए कुछ भी करने को तैयार थे. इसलिए पुलिस अब उन नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है और जल्द ही कई नेताओं पर शिकंजा कसता दिख सकता है.

कॉल डिटेल निकाल रही है पुलिस

हो सकता है कुछ नेता ऐसे भी मिलें, जिन्होंने बाबा का काला साम्राज्य बसाने में तन-मन और धन तीनों से मदद की हो, तो उन पर भी बुलडोजर चल सकता है. फिलहाल यूपी पुलिस 6 जिलों के कई नेताओं की कॉल डिटेल निकाल रही है, ताकि बाबा से जिसने भी बातचीत की हो, उसकी पोल खुल सके, किसने ज्यादा देर बात की, किसने कुछ ही सेकेंड में बाबा को बचने का बड़ा प्लान बता दिया, ये सब पुलिस जांच करने में जुटी है. जिन 6 जिलों के नेता पुलिस की रडार पर हैं, उनकी लिस्ट भी देख लीजिए.

  • पहला जिला है आगरा- जहां आज भी बाबा के घर के दरवाजे पर भक्त मत्था टेकने पहुंचते हैं.
  • दूसरा जिला है एटा- यहां के कई नेताओं से बाबा के घरेलू संबंध हैं, कई स्थानीय नेता नारायण साकार हरि के भक्त हैं.
  • तीसरा जिला है मैनपुरी- यहां के बिछुआ गांव में 21 बीघे में फैला बाबा का आश्रम है, अखिलेश यादव भी बाबा के भक्त हैं.
  • चौथा जिला है इटावा- यूपी पुलिस में नौकरी के दौरान बाबा यहां पोस्टेड रहा था.
  • पांचवां जिला है अलीगढ़- यहां भारी संख्या में बाबा के सेवादार रहते हैं.
  • छठा जिला है फिरोजाबाद- यहां के कई स्थानीय नेताओं से बाबा के संपर्क हो सकते हैं.

फंस सकते हैं अखिलेश यादव!

शायद इसीलिए अखिलेश यादव अब तक खुलकर ये नहीं कह पाए कि भोले बाबा की गिरफ्तारी होनी चाहिए. शुरुआत में मायावती ने भी कई दिनों तक कुछ नहीं कहा, यहां तक कि सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ ने भी कुछ नहीं कहा, बल्कि योगी की पुलिस तो बकायदा अपने बयान बार-बार घुमाती रही. पर अब जिस हिसाब से एक्शन हो रहा है, पहले बाबा का राइट हैंड पकड़ाया, उसे कोर्ट में पेश कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया और फिर जिस हिसाब से बाबा का बयान आया, वो साफ बताता है कि बाबा बुलडोजर से बच नहीं सकता, उसे कोई भी सियासी ताकत नहीं बचा सकती.

ढोंगी बाबाओं पर एक्शन जरूरी

उत्तर प्रदेश में दलितों की सबसे बड़ी नेता मायावती ने भी अब ट्वीट कर साफ-साफ कह दिया है कि ऐसे बाबाओं पर एक्शन जरूरी है. सिर्फ भोलेबाबा के नाम से मशहूर नारायण साकार हरि पर ही नहीं बल्कि ऐसे कई और बाबाओं पर शिकंजा कसा जाना चाहिए. जो धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं. उनकी जिंदगियों से खेल रहे हैं. इस बार बाबा को कुछ ऐसी सजा मिलने वाल है, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की होगी.

Recent News