मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल, अपराध शाखा टीम ने मुख्य आरोपी हितेश मेहता को अरेस्ट कर लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि EOW ने हितेश मेहता को पहले समन भेजा था. इसके बाद वह EOW ऑफिस पहुंचे थे. यहां उनसे EOW की टीम ने पहले पूछताछ की और इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
बता दें कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर कारोबार प्रतिबंध लगाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए इसके बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था और पुनरुद्धार के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया था. सूत्र दावा करते हैं कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने फंड की हेराफेरी की, जिससे संकट उत्पन्न हो गया था. वहीं मामले में आरबीआई की सख्ती के बाद शुक्रवार सुबह ही बैंक ग्राहक पैसे निकलवाने के लिए जुटने लगे थे, लेकिन किसी ग्राहक को बैंक में प्रवेश नहीं करने दिया गया था.
दरअसल, RBI ने शुक्रवार को बैंक के बोर्ड को एक साल के लिए भंग कर दिया था और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को इस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था. साथ ही बैंक की सहायता के लिए सलाहकार समिति बनाई गई. जिसमें एसबीआई के पूर्व महाप्रबंधक रवींद्र सपरा और चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख भी शामिल हैं. वहीं आरबीआई ने जानकारी दी है कि बैंक में कमजोर प्रशासनिक मानकों के चलते यह कार्रवाई की गई है.
दावा किया जा रहा है कि बैंक के मुख्य अनुपालन अधिकारी (CCO) ने आरबीआई द्वारा की गई जांच के बाद गुरुवार को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से शिकायत की थी. आरबीआई ने गुरुवार को ही बैंक द्वारा नए लोन जारी करने और जमा राशि निकालने पर रोक लगा दी थी. ये रोक अगले छह महीनों तक लागू रहेंगे.