भारत में बढ़ते तापमान का प्रमुख कारण प्रशांत महासागर में अलनीनो का कमजोर पड़ना माना जा रहा है, लेकिन इसके अलावा एक और कारण है, जिससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. और वह कारण है पाकिस्तान से आने वाली गर्म पछुवा हवा. जो राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार पहुंच रही. इसी वजह से दक्षिणी बिहार में इन दिनों झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है.
वहीं मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का मानना है कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर बड़े हिस्से को अभी हफ्तेभर तक प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर बारिश जरूर होगी. इस दौरान तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा सकती है. बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली शुक्रवार को पांचवें दिन भी भीषण गर्मी की चपेट में रही.
यहां तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो कि सामान्य से छह डिग्री अधिक है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली में मई महीने में केवल दो दिन बारिश दर्ज की गई, जो कि 10 सालों में सबसे कम है. इसी बीच आईएमडी ने शनिवार के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है. शहर में आम तौर पर बादल छाए रहने, गरज और धूल भरी आंधी चलने, हल्की वर्षा होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है.
दिल्ली में कल यानी कि शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 44 और 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. बता दें कि देश के 7 राज्यों में हीटवेव के कारण गुरुवार 30 मई को 79 लोगों की मौत हुई थी. इनमें सबसे ज्यादा बिहार में 44 लोगों की जान गई. झारखंड में 15, ओडिशा के राउरकेला में 6, राजस्थान में 5, छत्तीसगढ़ में 3 और उत्तर प्रदेश-दिल्ली में 1-1 व्यक्ति की मौत हो गई थी.
वहीं शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भीषण गर्मी की वजह से चुनाव ड्यूटी में लगे 13 कर्मचारियों की मौत हो गई. वहीं हरियाणा के 19 जिलों में गुरुवार को 45 डिग्री से ऊपर तापमान रहा और सिरसा में सबसे अधिक 49.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. वहीं राजस्थान में पिछले 24 घंटे में 5 मौतें हुईं. इसी के साथ प्रदेश में गर्मी से होने वाली मौतों का आंकड़ा 66 तक पहुंच गया है.
इसी बीच मौसम विभाग का नया अपडेट खुशखबरी लेकर आया है. इसके अनुसार उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों तक राहत की बारिश होने वाली है. इस दौरान तेज रफ्तार आंधी आने की भी संभावना है. मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवा हवा सक्रिय हो चुकी है. इसके चलते तापमान में कमी की उम्मीद जताई जा रही है.
अगले 5 दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, गांगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 01-03 जून के दौरान गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है.
साथ ही पश्चिमी विक्षोभ को जम्मू संभाग और उसके आसपास के क्षेत्र में देखा जा रहा है. जिसका असर पहाड़ों पर दिखना शुरू हो गया है. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है.
मौसम विभाग की मानें तो इस बार मानसून केरल के साथ पूर्वोत्तर भारत में भी एक ही समय पर आया है. आमतौर पर 5 जून तक पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करता है, जो कि केरल पहुंचने से लगभग 5 दिन बाद होता है. अब मानसून के असर से पूर्वोत्तर भारत में अगले एक हफ्ते तक अच्छी बारिश होगी. स्काईमेट के मुताबिक 31 मई को लक्षद्वीप, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, मेघालय, असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है.