जसप्रीत बुमराह, जो आज टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ों में से एक माने जाते हैं, अपनी जबरदस्त गेंदबाज़ी से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं. बुमराह की गेंदबाज़ी को लेकर कई क्रिकेट के दिग्गजों का मानना है कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ हैं. उनका करियर और सफलता एक दिलचस्प कहानी है, और इस सफलता में मुंबई इंडियन्स की बड़ी भूमिका रही है.
यह कहानी 2013 की है, जब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जॉन राइट ने पहली बार जसप्रीत बुमराह को देखा था. जॉन राइट ने अहमदाबाद में गुजरात और मुंबई के बीच खेले गए एक घरेलू टी-20 मैच में बुमराह को देखा. जॉन राइट ने इस बारे में अपने एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने उस बच्चे को देखा, जिसकी गेंदबाज़ी का तरीका कुछ अलग था और जो हर गेंद पर यॉर्कर फेंकने की कोशिश कर रहा था. मुझे ऐसा लगा कि मैंने कभी ऐसी गेंदबाज़ी नहीं देखी थी. वह तेज़ भी था."
जॉन राइट ने इसके बाद गुजरात के कप्तान पार्थिव पटेल से बुमराह के बारे में जानकारी ली. पार्थिव ने उन्हें बताया, "यह बुमराह है, हम इसे साइन करना चाहते हैं." इसके बाद बुमराह को मुंबई इंडियन्स ने साइन कर लिया. जॉन राइट ने बुमराह को अभ्यास सत्र के दौरान सचिन तेंदुलकर के सामने गेंदबाज़ी करने को कहा. अभ्यास के बाद सचिन तेंदुलकर ने जॉन राइट से पूछा, "यह बच्चा कौन है?" सचिन को यह बहुत मुश्किल लगा था, लेकिन राइट ने महसूस किया कि बुमराह में कुछ खास था.
हालांकि, बुमराह को शुरुआती सीज़न में सफलता नहीं मिली. 2013 में वह बहुत कम मैच खेल पाए, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी में सुधार किया और 2014 में मुंबई इंडियन्स के लिए एक प्रमुख गेंदबाज़ के रूप में उभरकर सामने आए. मुंबई इंडियन्स और जॉन राइट के मार्गदर्शन में बुमराह ने अपनी क्षमता को पहचाना और फिर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की.
आज बुमराह भारतीय क्रिकेट के एक अहम खिलाड़ी बन चुके हैं और उनकी गेंदबाज़ी से दुनिया भर के बल्लेबाज़ डरते हैं. उनकी सफलता एक उदाहरण है कि कैसे एक खिलाड़ी की पहचान और अवसर उसे सही मार्गदर्शन और समर्थन से मिल सकता है.