लोकसभा में एंटी-पेपर लीक(संशोधन) बील पर चर्चा के दौरान सामाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव केंद्र सरकार पर तंज कसते है अखिलेश यादव कहते है सरकार को अहंकार था कि सरकार झुकती नहीं हैं।देशभर के युवाओं ने आंदोलन करके सरकार को झुका दिया अखिलेश यादव ने नारा दिया झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है अपने भाषण में अखिलेश कहते है रकार ने 'प्रधान' को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया।
अखिलेश यादव कहते है 'पूरे देश ने देखा कि मंत्री जब मंत्री नहीं रहे, तो संसद के बाहर उनका स्वागत किया गया। स्वागत पर शिकायत नहीं है, लेकिन माननीय सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी, कि उन्होंने कितने बड़े संकट से बचा लिया। एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। ऐसा आंदोलन किसी ने नहीं देखा, जिसमें कम उम्र की पीढ़ी निकलकर सामने आए। जिस तरह के नारे आंदोलन में दिए गए, उससे साफ हो गया कि ये सरकार पिछले कई सालों से नकारात्मक प्रचार पर टिकी हुई थी।'
सरकार पे हमला करते हुए अखिलेश यादव राम मंदिर चंदा चोरी विवाद का भी जिक्र करते है वह कहते है की जो सरकार अयेध्या के राम मंदिर में चढावा चोरी नहीं रोक पाई, वो पेपर लीक कैसे रोकेगी। अखिलेश यादव आगे कहते है कि सरकार को यह भी एहसास हो गया की मजाक-मजाक में बनी पार्टी कितने गंभीर मुद्दों के परिणाम ले आया जब ये सरकार घबरा जाती है, डर जाती है, तब ये स्वीकार करती है और झुकती है ।दिल्ली में हुआ आंदोलन ऐसा था,जिसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता ने दिया।
अखिलेश यादव लोकसभा में इमरजेंसी काल का भी जिक्र किया उन्होनें कहा ‘मैंने इमरजेंसी नहीं देखी, लेकिन इमरजेंसी में क्या-क्या हुआ, वो अभी देश की राजधानी दिल्ली में जरूर देखा। बच्चों पर लाठियां चलाई गईं, कील वाली लाठियां मारी गईं, आंसू गैस के गोले छोड़ गए। उस वक्त करंट नहीं लगाया जाता था, इस बार करंट भी लगाया गया। ये इमरजेंसी से कम बड़ा अन्याय नहीं है।'