काठमांडू: भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में दो धार्मिक समुदायों के बीच लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले लिया. इस सांप्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए. स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन भी कर्फ्यू और निषेधाज्ञा जारी रखी है.
पुलिस के अनुसार रविवार को सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में दो अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम चल रहे थे. इसी दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग और झंडे फहराने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हस्तक्षेप किया और गोली चलाई तो एक व्यक्ति की मौत हो गई. कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
घटना के बाद सोमवार को कर्फ्यू लगाया गया था, जिसे मंगलवार को भी जारी रखा गया है. हरिनगर, देवगंज, भुटहा, घुस्की और कप्तानगंज समेत कई बाजार क्षेत्रों में पूर्ण कर्फ्यू है. रैलियां, प्रदर्शन, जनसभाएं और चार से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है.
पड़ोसी जिले मोरंग में भी प्रशासन ने धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. प्रशासन अब राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के साथ बातचीत कर शांति बहाल करने की कोशिश कर रहा है. सुनसरी जिला भारत के बिहार से लगा हुआ संवेदनशील इलाका है, जहां इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया है. स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है.