Dimple Yadav MP : समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने दल-बदल की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार कोई नया कानून लाना चाहती है, तो सबसे पहले लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों के बार-बार दल बदलने पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कानून बनाए. उनका कहना था कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का एक दल से दूसरे दल में जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करता है और इससे जनता के जनादेश का भी सम्मान प्रभावित होता है.
डिंपल यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाता किसी उम्मीदवार को उसकी पार्टी, विचारधारा और चुनावी वादों के आधार पर वोट देते हैं. ऐसे में चुनाव जीतने के बाद यदि वही सांसद किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाता है, तो यह मतदाताओं के भरोसे के साथ न्याय नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए दल-बदल पर सख्त और प्रभावी कानून की आवश्यकता है.
सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों और विधायकों के दल बदलने की घटनाओं को लेकर लगातार राजनीतिक बहस चल रही है. विपक्ष लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि सत्ता पक्ष विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास करता है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
डिंपल यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल नए कानून बनाने से नहीं होगी, बल्कि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित करने से होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सांसदों के दल बदलने पर प्रभावी रोक लगाने वाला कानून बनाया जाता है, तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा राजनीतिक स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा.