भारत की अध्क्षयता में 12-13 सितंबर को आयोजित ब्रिक्स समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग दिल्ली आ सकते है। 2019, के बाद यह शी जिंगपिंग का पहला भारत दौरा होगा आखरी बार 2019 में चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग की पीएम मोदी के साथ अनौपचारीक बैठक हुई थी। यहा तक की 2020 के गल्वान घाटी की घटना के बाद यह चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग की पहली भारत यात्रा होगी।
अधिकारियों की माने तो शी जिंगपिंग ने भारत आने का न्योता स्वीकार कर लिया है और भारत की ब्रिक्स अध्क्षयता का समर्थन जताया है। ब्रिक्स समूह के नेताओं रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शामिल हो सकते है। अगस्त 2025, के शंघाई सहयोग संगठन में पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग को भारत आने का राजनयिक निमंत्रण सौंपा था।
गलवान घाटी झड़प के बाद भारत-चीन के संबंधों में सुधार देखा जा सकता है दोनों देशों नो अक्टूबर 2024 में अपनी सेनाओं को लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के पीछे हटने पर सहमती जताई, वीसा पाबंदीयो में ढील दी गई, भारत के AI इम्पैक्ट समिट में चीन ने हिस्सा लिया।
इस वर्ष भारत में आयोजीत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, पश्चिम एशिया और बहुपक्षीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा संभावित है। शी जिंगपिंग का भारत दौरा भारत-चीन के संबंधो के लिए बहुत महत्तवपूर्ण माना जा रहा है।