अमरनाथ यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं का पहला जत्था अमरनाथ के लिए रवाना हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं,उन्होनें जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रवाना किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति से पूरा वातावरण "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा श्रद्धालुओं से भरी बसें कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुईं।
यात्रा के लिए दो मार्ग हैं – पहलगाम और बालटाल। यात्रियों के पहले जत्थे में कुल 4,822 श्रद्धालु 259 बसों में रवाना हुए।
इस बार की यात्रा के लिए कई कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग में पड़ने वाले कश्मीर घाटी स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अमरनाथ यात्रा में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 679 कंपनियां तैनात हैं। यहां तक कि यात्रा प्रारंभ होने से एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी तैयारियों का जायजा भी लिया।
यात्रा में श्रद्धालुओं के रहने, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। प्रशासन ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इस साल अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। यह यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी हर साल लगभग 2.2 लाख से 6.3 लाख के बीच श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन करने आते हैं।
अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित है। यह धार्मिक स्थल हिंदू आस्था का एक प्रमुख केंद्र है।