संसद के मॉनसून सत्र 2026 में लोकसभा में नीट पेपर लीक मामले पर जोरदार हंगामा हो रहा है, जहां विपक्षी नेता सरकार से मामले की जवाबदेही और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे हैं। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से अनुरोध किया कि वे फ्लोर नेताओं को चर्चा के बारे में अवगत कराएं।
किरेन रिजिजू के सदन में आश्वासन के बाद भी विपक्ष शांत नहीं हुआ। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने सरकार को नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर घेरा। कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और सदन में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर आप स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो इस पर चर्चा करें।"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में के. सी. वेणुगोपाल के बयान का जवाब देते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा कैसे होगी, कब होगी और चर्चा के नियम क्या होंगे, यह लोकसभा स्पीकर द्वारा फ्लोर नेताओं से बातचीत के बाद तय किया जाएगा।
इस पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह मामला राजनीति से बढ़कर है और देशभर के युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। सदन में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष से हंगामा करने के बजाय बहस में हिस्सा लेने की अपील की।