असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडीया के जरिए केंद्र सरकार से अरूणाचल प्रदेश सीमा के पास चीन की गतिविधयों पर कई गंभीर सवाल पूछे। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी एक्स पर पोस्ट करते है “नरेंद्र मोदी सरकार को साफ करना चाहिए कि अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर क्या हो रहा है। अबतक इसने जो जानकारियां उपलब्ध कराई हैं, वह अपर्याप्त और अस्पष्ट है।“
ओवैसी अपने पोस्ट में डोकलाम और लद्दाख का जिक्र करते हुए कहते है की वह डोकलाम और लद्दाख का इतिहास दोहराना नहीं चाहते। वह दावा करते है की भारतीय सैनिक बॉर्डर के कईं इलाके गश्त नहीं लगा सकते। साथ में उन्होनें यह भी दावा किया की डोकलाम में चीन ने स्थायी बेस बना लिए है। ओवैसी सवास करते है की नरेंद्र मोदी कब सीखेंगे?
ओवैसी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग के सितंबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत दौरे पर भी सवाल उठाते है वह सरकार पर निशाना साधते हुए कहते है की हमारे सैनिकों को गश्त करने से रोका जा रहा है, चीन हमारे इलाकें में टेंट गाड़ रहा है। ओवैसी सरकार पर हमलावर होकर सवाल करते है की चीन से डील करना हमारी निती है या हमने उनकी सभी शर्ते मान ली है।
असदुद्दीन ओवैसी की यह प्रतिक्रिया अरूणाचल प्रदेश के सुबनसीरी जिले के बॉडर के नजदीक तक्सिंग गांव में भारतीय और चीनी गश्ती सैनीकों की झडप बीच आई है। अरूणाचल प्रदेश के सीमा विवाद के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा की भारत ने चीन के साथ बातचीत के दौरान “ हमेशा इस बात पर जोर दिया है की सीमा से संबंधित मामलें सबसे गंभीर हैं और इन इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।