रामपुर : उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर यूनिवर्सिटी के साथ किसी भी तरह की गलत कार्रवाई करने वाले छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक को सजा दी जाएगी.
शिवपाल यादव ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना है और इसके लिए पूरी समाजवादी पार्टी एकजुट होकर साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की लड़ाई में सभी छात्रों और युवाओं को साथ लिया जाएगा. Gen G और छात्रों ने सरकार के अहंकार को दूर करने का काम किया है.
आजम खान का जिक्र करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि उन्होंने जेल में उनसे कहा कि पूरे प्रदेश में घूमकर सरकार बनाने के लिए काम करो. उन्होंने दावा किया कि आजम खान समाजवादी पार्टी से नाराज नहीं हैं. गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि जिसे भी बात करनी है, वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत करे.
शिवपाल यादव ने आजम खान की जेल में स्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आजम खान तकलीफ में हैं, उन्हें जमीन पर लेटाया जा रहा है और दवाइयों की भी उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है. उन्होंने भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्हें अंधी, बहरी, भ्रष्ट और बेईमान’ करार दिया.
शिवपाल यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भाजपा को हराकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी. उन्होंने साफ कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की लड़ाई में पार्टी छात्रों, युवाओं और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी.
नई दिल्ली : संसद का मॉनसून सत्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. 20 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र 13 अगस्त तक चलना है. सरकार ने इस दौरान कई अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित रहा. सत्र की शुरुआत में संसद के सामने कुल 28 लंबित विधेयक थे.
सरकार के लिए राहत की बात यह रही कि अब तक 19 विधेयक पारित किए जा चुके हैं. इनमें पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने से जुड़े अहम प्रावधान भी शामिल हैं. हालांकि, कई महत्वपूर्ण विधेयक अभी भी संसद की प्रक्रिया में अटके हुए हैं.
सबसे ज्यादा चर्चा FCRA संशोधन विधेयक 2026 को लेकर रही. यह बिल विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों के नियमों में बदलाव से संबंधित है. सरकार ने 12 अगस्त को इसे संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC को भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में पास करा लिया. अब समिति बिल की विस्तार से समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी। यानी FCRA बिल अभी कानून नहीं बना है.
वहीं, परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई है. सरकार महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने और भविष्य की चुनावी व्यवस्था से जुड़े परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठा रहा है. इससे जुड़ा 2026 का संवैधानिक संशोधन प्रस्ताव अप्रैल में लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया था.
ऐसे में सत्र के आखिरी दिन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बचे हुए विधायी काम को पूरा करना है. 19 बिल पास हो चुके हैं, जबकि कई प्रस्ताव अभी लंबित हैं और FCRA बिल JPC में पहुंच चुका है. अब देखना होगा कि सत्र के अंतिम दिन सरकार कितने और विधेयकों को आगे बढ़ा पाती है.