प्रधानमंत्री मोदी ने मॉनसून सत्र की संसदीय दल की बैठक के दौरान नीट पेपर लीक पर चर्चा करते हुए इसे घोर पाप बताया। बैठक में उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को हिरासत में लिया गया है और लीक के बाद परीक्षा को दोबारा कराने की प्रक्रिया भी सरकार ने पूरी की। पीएम मोदी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत न कर सके। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने की अपील की, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सके।
भारत सरकार ने जांच एजेंसियों को मामले की सख्त जांच करने के आदेश दिए हैं, जिसमें अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि नीट पेपर 2026 लीक होने के बाद देशभर में लोगों का गुस्सा फूटा है और लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने मॉनसून सत्र के दौरान संसद मार्च शुरू किया। इस बीच दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।