तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदो पर निशाना साधते हुए एक्स पर एक स्क्रीनशॉट साझा करती है जिसमें लोकसभा की कार्यवाही के दौरान टीएमसी बागी सांसद शर्मिला सरकार नजर आ रही है। स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कैप्शन में महुआ मोइत्रा लिखती है अरे.. इतनी बेशर्मी भरी गद्दारी के बाद भी गद्दार अपना AITC (ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस) वाला ठप्पा नहीं हटा पाए। कितना दुखद है। कम से कम 'बीजेपी की B टीम' तो कहलवा लो, जब तक किसी गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी के साथ अपने मशहूर विलय का इंतजार कर रहे हो।
पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद में टीएमसी के 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में बगावत की थी। इसके बाद उन्होनें एनडीए दल की एनसीपीआई में विलय का पत्र लोकसभा स्पीकर को सौंपा था। हालांकी लोकसभा स्पीकर ओम बीरला ने शिव सेना बागी सांसदों के विलय को मंजूरी दी है पर टीएमसी बागी सांसदों का विलय अटका हुआ जिसके कारण उनके नाम के आगे अभी भी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस लिखा आता है।
हाल ही में एनडीए की मंगल मिलन बैठक में बागी टिएमसी सांसद मौजूद थें जिसमें सायूनी घोष ,काकोली घोष दस्तिदार जैसे नाम शामिल है। काकोली घोष दस्तिदार ने एनडीए की बैठक को व्यवस्थित बताया और कहा आज से पहले उन्होनें इतनी व्यवस्थित बैठक नहीं देखी। उन्होनें आगे बताया मंगल मिलन में किसानों ,देश की प्रगति और एफटीए जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।