नई दिल्ली: रायपुर से तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक डरावना मामला सामने आया है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), रायपुर के तीसरे साल का एक छात्र AI टूल्स से अपनी महिला सहपाठियों की फोटो को अश्लील तस्वीरों में बदलने के आरोप में कॉलेज से निकाल दिया गया. इस चौंकाने वाली घटना से कैंपस में गुस्सा फैल गया और AI से बनी ऐसी तस्वीरों के बढ़ते गलत इस्तेमाल पर चिंता बढ़ गई.
घटना 6 अक्टूबर को सामने आई, जब कुछ लड़कियां फैकल्टी मेंबर्स के पास शिकायत लेकर गईं. उन्हें शक था कि उनकी तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई है. इंस्टीट्यूट ने तुरंत एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी बनाई, जिसकी अगुवाई एक महिला प्रोफेसर ने की. कमिटी ने तेजी से काम किया और आरोपी छात्र का लैपटॉप, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जब्त कर लिया. इन डिवाइसेज में कथित तौर पर आपत्तिजनक AI-जनरेटेड कंटेंट मिला.
छात्र हॉस्टल में रहता था और कई पीड़ित लड़कियों का करीबी दोस्त था. शिकायत मिलते ही कुछ घंटों में उसे कॉलेज से निकाल दिया गया और हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया. उसी दिन उसके माता-पिता को बुलाया गया और उसे बिलासपुर जिले के घर भेज दिया गया. IIIT रायपुर के रजिस्ट्रार और आधिकारिक प्रवक्ता श्रीनिवास ने अनुशासनिक कार्रवाई की पुष्टि की.
उन्होंने कहा, "छात्र को 6 अक्टूबर को ही निकाल दिया गया. अगली शाम एडमिनिस्ट्रेशन ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज की. लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव समेत सारे डिजिटल सबूत पुलिस को सौंप दिए जाएंगे." आंतरिक कमिटी जांच में पुलिस की मदद जारी रखे हुए है. प्रभावित छात्राओं ने इंस्टीट्यूट की तेज और निष्पक्ष कार्रवाई पर संतोष जताया.
कानूनी कार्रवाई पर अपडेट देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विवेक शुक्ला ने कहा कि पुलिस टीम जल्द कॉलेज आएगी और आंतरिक कमिटी द्वारा जब्त डिजिटल डिवाइसेज को औपचारिक रूप से कब्जे में लेगी. उन्होंने आगे कहा, "एक और टीम बिलासपुर भेजी जाएगी ताकि आरोपी को हिरासत में लिया जा सके. FIR में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई जाएंगी, जो आज दर्ज होगी,"