कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में राज्य में चल रही सभी धर्म आधारित सरकारी योजनाओं को समाप्त करने का फैसला किया गया है. इस फैसले के तहत 1 जून 2026 से इमामों को मिलने वाला 3000 रुपए मासिक भत्ता और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले 1500-2000 रुपए का भत्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा. साथ ही पुजारियों को मिलने वाला मानदेय भी बंद कर दिया जाएगा.
सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर दी जाने वाली सभी सरकारी सहायताएं अब बंद होंगी. अल्पसंख्यक कल्याण, मदरसा शिक्षा और संबंधित विभागों की ऐसी योजनाएं 31 मई तक ही चालू रहेंगी.
ओबीसी सूची भी रद्द
सरकार ने राज्य की मौजूदा ओबीसी सूची को भी रद्द कर दिया है. कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है. नई ओबीसी सूची बनाने के लिए एक विशेष पैनल गठित किया जाएगा. धर्म आधारित योजनाओं को बंद करने के साथ ही सरकार ने महिलाओं के लिए दो बड़ी योजनाएं भी शुरू करने का फैसला लिया है.
इसके साथ ही अन्नपूर्णा योजना के तहत 1 जून से सभी महिलाओं को प्रतिमाह 3000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी. सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी. ये दोनों योजनाएं भाजपा के चुनावी वादों का हिस्सा हैं. यह फैसला ममता बनर्जी सरकार के समय शुरू की गई कई विवादित योजनाओं पर लगाम लगाने वाला माना जा रहा है.