पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर नबन्ना में बैठकर दो नए आयोगों के गठन का फैसला लिया है। इन आयोगों का उद्देश्य राज्य में हुए भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ मामलों की जांच करना बताया जा रहा है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, पहला आयोग भ्रष्टाचार मामलों की जांच करेगा जबकि दूसरा आयोग महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों की जांच पर फोकस करेगा। इन आयोगों के तहत संदेशखाली और आरजी कर जैसे मामलों की फाइलें दोबारा खोले जाने की चर्चा भी तेज है।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन की भूमिका को लेकर हो रही है, जिन्हें इन मामलों की जांच से जोड़ा जा रहा है। 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। वे कोलकाता की रहने वाली हैं और जादवपुर यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर्स कर चुकी हैं।

दमयंती सेन पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से जुड़ी रही हैं, जिनमें कुछ रेप केस भी शामिल हैं। उनकी जांच क्षमता को लेकर अदालत तक में भरोसा जताया गया है। हालांकि, उनके करियर में कुछ दौर ऐसे भी रहे जब उन्हें साइडलाइन पोस्टिंग मिली।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति और अधिक गरमा गई है, और इसे आने वाले समय में बड़े राजनीतिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है।