नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक नई खबर सामने आई है. ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी रूप से हटा दिया है. यह फैसला वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने के लिए लिया गया है. ईरानी मीडिया एजेंसी तस्नीम के अनुसार, अमेरिका ने शांति वार्ता के प्रयासों के बीच ईरानी तेल पर कुछ प्रतिबंध हटा दिए हैं. हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी इस दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
भारत, जो 90% तेल आयात करता है, इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकता है. युद्ध के दौरान भारत पहले ही ईरानी तेल खरीद चुका है. अब अस्थायी राहत से सस्ता ईरानी क्रूड मिलने से भारत का आयात बिल कम हो सकता है और तेल की कीमतों पर दबाव घटेगा. भारतीय रिफाइनरी कंपनियां पहले से ही ईरानी तेल खरीदने की तैयारी में हैं, जो घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगा.
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के बाद होर्मुज की खाड़ी में तेल आपूर्ति बाधित हुई थी, जिससे वैश्विक तेल संकट गहराया. अमेरिका ने पहले रूस और अब ईरान के तेल पर अस्थायी छूट देकर बाजार को संतुलित करने की कोशिश की है.
ईरान की सरकार पूर्ण प्रतिबंध हटाने और भविष्य में दोबारा बैन न लगाने की गारंटी की मांग कर रही है, लेकिन अमेरिका ने अभी केवल अस्थायी राहत दी है. मामला अभी विकसित हो रहा है. अगर यह छूट जारी रही तो भारत जैसे बड़े आयातक देशों को काफी राहत मिलेगी.