कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के निमता थाना इलाके में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे आठ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि ये लोग लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे थे. पुलिस ने आरोपितों को शरण देने के आरोप में एक स्थानीय व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है. गिरफ्तार लोगों की पहचान सुमन गाइन, बहारुल मंडल, अब्दुल रहमान सरदार, रियाज मंडल, इलिश सरदार, जाहारा बीबी, अनोवारा बीबी और सुमी बीबी के रूप में हुई है.
वहीं, शाहिदुल इस्लाम नामक व्यक्ति पर इन्हें ठिकाना देने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान गोलबागान बाजार क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया. पूछताछ में उसने खुद को बांग्लादेश का नागरिक बताया. इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक किराये के मकान में छापेमारी की, जहां से अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया.
तलाशी के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, ई-राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए. पुलिस को कुछ बांग्लादेशी जन्म प्रमाणपत्र भी मिले हैं. अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है. मौके से करीब 22 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं. प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार लोग फर्जी पहचान पत्र तैयार कराने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस ने विदेशी नागरिक कानून और इमिग्रेशन से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.