यरुशलम: इजरायल के यरूशलम के पास बेट शेमेश इलाके में शनिवार देर रात एक जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट इतना तीव्र था कि आसमान में विशाल आग का गोला और धुएं का गुबार दिखाई दिया, जो दूर-दूर तक नजर आया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मशरूम क्लाउड जैसा दृश्य देखकर कई लोगों ने इसे संदिग्ध माना.
Massive explosion at the Tomer defense facility in Beit Shemesh Israel, which produces missile propulsion systems. Jews initially claimed it was a "controlled detonation of unexploded ordinance" but that story fell apart. This was obviously not controlled. pic.twitter.com/LbIrd73oGo
— Mike P (@tombelaviv_) May 17, 2026
यह घटना इजरायली सरकारी रक्षा कंपनी तोमर (Tomer) के रॉकेट और मिसाइल इंजन टेस्टिंग साइट पर हुई. कंपनी ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि यह पहले से तयशुदा प्रयोग था, जो पूरी तरह नियंत्रित तरीके से हुआ. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि कोई बाहरी हमला नहीं हुआ, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा चूक हुई है.
हालांकि, कई डिफेंस विश्लेषकों को इजरायली दावे पर संदेह है. पूर्व सीआईए विश्लेषक लैरी जॉनसन ने भी इस घटना पर टिप्पणी की. उन्होंने पूछा कि आधी रात को ऐसा परीक्षण क्यों किया गया, खासकर शनिवार की रात जब इजरायल में सामान्य कामकाज सीमित होता है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि विस्फोट स्थल पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को तुरंत पहुंचने से रोका गया.
घटना का असर पास के सदोत मीचा एयरबेस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जो इजरायल के महत्वपूर्ण मिसाइल ठिकानों में से एक है. कयास लगाए जा रहे हैं कि रॉकेट मोटर बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम परक्लोरेट जैसे रसायनों में किसी तरह की समस्या से यह धमाका हुआ हो सकता है. कुछ लोग इसे एरो-3 एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी सामग्री से जोड़कर देख रहे हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है. हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
यह पहली बार नहीं है. अप्रैल 2021 में भी इसी तोमर फैसिलिटी में इसी तरह का बड़ा धमाका हुआ था, जिसे तब भी रूटीन टेस्ट बताया गया था. उस समय भी मशरूम क्लाउड जैसे दृश्य ने चर्चा पैदा की थी. इजरायली रक्षा मंत्रालय और तोमर कंपनी अपने रुख पर डटे हुए हैं. उनका कहना है कि परीक्षण पहले से प्लान किया गया था, स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया गया था और इसमें कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ.
क्षेत्र में इजरायल-ईरान तनाव के बीच यह घटना हुई है, इसलिए सोशल मीडिया पर अनुमान और अफवाहें तेजी से फैलीं. कुछ ने इसे गुप्त हमला तक मान लिया, लेकिन मुख्यधारा की इजरायली रिपोर्ट्स इसे नियंत्रित टेस्ट ही बता रही हैं. अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि विस्फोट से एरो-3 या अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम को कोई भारी क्षति पहुंची हो. स्थिति पर नजर बनी हुई है.