तेहरान: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंचने के बीच पाकिस्तान ने अहम कूटनीतिक पहल की है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को बिना किसी पूर्व घोषणा के ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच गए. सूत्रों का कहना है कि यह दौरा सामान्य द्विपक्षीय यात्रा से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकवी अमेरिका और ईरान के बीच टूटते रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटे हैं. डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्ताव को ठुकराने और सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद पाकिस्तान ‘शटल डिप्लोमेसी’ का रोल निभा रहा है.
आधिकारिक रूप से इस दौरे को सीमा सुरक्षा और व्यापार बढ़ाने से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्र बता रहे हैं कि असली मकसद पूरी तरह अलग है. नकवी अपने साथ पाक आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का एक बेहद संवेदनशील गुप्त संदेश लेकर पहुंचे हैं, जो ईरान की शीर्ष नेतृत्व और IRGC कमांडरों तक पहुंचाया जाएगा.
पाकिस्तान बन रहा 'डाकिया'
पाकिस्तान फिलहाल वाशिंगटन और तेहरान के बीच अनौपचारिक ब्रिज का काम कर रहा है. वह अमेरिका का रुख ईरान तक और ईरान की बात अमेरिका तक पहुंचाने की कोशिश में लगा है. जनरल आसिम मुनीर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत उच्चस्तरीय अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में बताए जा रहे हैं. इसके अलावा पाकिस्तान ईरान को सुरक्षा गारंटी दिलाने के लिए चीन और सऊदी अरब जैसे देशों को भी शामिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
टाइमिंग बेहद अहम
यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हाल ही में चीन दौरे से लौटे हैं, जहां ईरान मुद्दे पर चर्चा हुई थी. ठीक इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य नेतृत्व 23 मई को चीन जाने वाले हैं. ऐसे में ईरान को शांत करने की कोशिश पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की ईमानदार कोशिशों को ईरान बहुत सराहता है. दोनों देशों के बीच यह गुप्त कूटनीतिक गतिविधि मिडिल ईस्ट के भविष्य को लेकर नई संभावनाएं खोल सकती है.