Imran Masood Statement : कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी मुस्लिम समाज के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करना चाहती. उन्होंने कहा कि सपा केवल वोट की राजनीति करती है, लेकिन जब मुस्लिम समाज या दलितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की बात आती है, तो उसके नेता चुप्पी साध लेते हैं.
इमरान मसूद ने कहा कि अब्दुल पिटता है, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और आजम खान जैसे नेताओं का राजनीतिक और कानूनी संकट सामने आया, तब भी सपा ने गंभीरता से साथ नहीं दिया. सपा को मुसलमान लीडर बर्दाश्त नहीं होता.
उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज का भरोसा कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है. मसूद ने कहा कि कांग्रेस हर वर्ग की आवाज उठाने का काम करती है, जबकि सपा केवल चुनाव के समय मुस्लिम और दलित समुदाय की बात करती है. उनका आरोप था कि जमीनी स्तर पर इन वर्गों के लिए काम करने के बजाय सपा सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहती है.
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि जिन मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए, उन पर समाजवादी पार्टी की सक्रियता दिखाई नहीं देती. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम और दलित समाज के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में सपा प्रभावी भूमिका निभाने में विफल रही है.
इमरान मसूद के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है. हालांकि, उनके आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.