पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को भी भारतीय नौसेना ने दिखाई ताकत, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का किया सफल परीक्षण

Amanat Ansari 27 Apr 2025 11:03: AM 2 Mins
पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को भी भारतीय नौसेना ने दिखाई ताकत, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का किया सफल परीक्षण

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी सामरिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए अरब सागर में अत्याधुनिक एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से विकसित इस मिसाइल सिस्टम ने अपनी सटीकता और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता से दुश्मन के युद्धपोतों को निशाना बनाने की अपनी ताकत को साबित किया है.

परीक्षण के दौरान, भारतीय नौसेना के नवीनतम स्वदेशी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत INS सूरत से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM) को दागा गया. इस मिसाइल ने समुद्र में कम ऊंचाई पर उड़ रहे लक्ष्य को 70 किलोमीटर की दूरी पर सटीकता के साथ नष्ट किया. भारतीय नौसेना ने इस उपलब्धि को अपनी समुद्री रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया. नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, "यह परीक्षण हमारी युद्ध क्षमता, तकनीकी उन्नति और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है."

यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्रीय तनाव, विशेष रूप से पाकिस्तान के साथ, बढ़ रहे हैं. हाल ही में पाकिस्तान ने कराची तट पर 24-25 अप्रैल को सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने की घोषणा की थी, जिसके जवाब में भारत ने यह कदम उठाया. सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना और खुफिया एजेंसियां पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं. यह परीक्षण न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.

MRSAM मिसाइल सिस्टम को DRDO और इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है. यह मिसाइल 100 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन की एंटी-शिप मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है. इसकी मल्टी-फंक्शन रडार और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम इसे अत्यंत प्रभावी बनाते हैं. यह सिस्टम न केवल समुद्री युद्ध में, बल्कि हवाई हमलों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण भारत की नौसेना को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित करता है. विशेष रूप से, हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चीनी नौसेना की गतिविधियों के मद्देनजर, इस तरह की तकनीकी प्रगति भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करती है.

भारतीय नौसेना ने इस परीक्षण के साथ ही अपने अन्य युद्धपोतों से कई एंटी-शिप मिसाइलों का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जिससे लंबी दूरी तक सटीक हमले करने की उसकी तैयारियों का पता चलता है. नौसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह उपलब्धि "राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता" को दर्शाती है. 

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