Indigo Flight Emergency: एयर इंडिया प्लेन क्रैश के बाद भी विमानों में गड़बड़ी की शिकायतें कम नहीं हो रही, बीते 10 दिनों में ये दूसरी घटना है जब पायलट ने सबसे आपातकालीन शब्द मेडे का इस्तेमाल किया है, इंडिगो की ये विमान गुवाहाटी से चेन्नई जा रही थी, विमान संख्या थी 6E 6764. जैसे ही विमान ने गुवाहाटी से उड़ान भरा, आसमान में पहुंचते ही पायलट ने मेडे, मेडे, मेडे कहा, शुरुआत में लगा एयर इंडिया के प्लेन की तरह इसमें भी कोई दिक्कत हो सकती है, लेकिन पायलट ने जब बताया फ्यूल खत्म है, तो नीचे बैठे एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों के भी होश उड़ गए, आखिर तुरंत उड़ान भरने वाले विमान का ईंधन इतनी जल्दी खत्म कैसे हो गया, क्या ईंधन विमान के इंजन तक सही से नहीं पहुंच रहा, क्या ईंधन में कोई मिलावट थी, इस बात की आशंका आम तौर पर होती नहीं है, लेकिन कुछ डॉक्यूमेंट्री में ऐसे दावे किए जा चुके हैं.
इसलिए ये सवाल बड़ा था, पर उससे भी बड़ी बात थी विमान की सेफ लैंडिंग, क्योंकि इसमें 168 यात्री सवार थे, इधर विमान गुवाहाटी एयरपोर्ट के ऊपर-ऊपर ही चक्कर लगा रहा था, पर गुवाहाटी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की इजाजत उसे नहीं मिली, क्योंकि वहां एय़र ट्रैफिक सबसे ज्यादा था, विमान में ईंधन न होने पर कोई विकल्प काम नहीं आते, चाहे पायलट कितना भी तेज हो, नतीजा नजदीकी एयरपोर्ट को कॉल जाती है, और आखिर में बेंगलुरू एयरपोर्ट इंडिगो की ये फ्लाइट सेफ लैंड करती है, वहां पहले विमान की चेकिंग होती है, यात्रियों को रिफ्रेशमेंट दिया जाता है, और उसके बाद वही विमान फिर से चेन्नई के लिए उड़ान भरता है, ये घटना 19 जून को हुई, लेकिन जानकारी 21 जून को सामने आई, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या विमान कंपनियां फ्लाइट के नाम पर उड़ता ताबूत चला रही हैं.
आखिर जो फ्यूल सबसे पहले चेक होता है, कई चरण से होकर जिसकी चेकिंग गुजरती है, वही विमान में कैसे नहीं था, क्या पायलट ने उड़ान से पहले इसे चेक नहीं किया था, अगर ये विमान ज्यादा दूरी की होती और उसने कुछ घंटे उड़ान भर लिए होते तो इस बात की संभावना जताई जा सकती थी कि संभावित खतरे को देखते हुए कम ईंधन भरा गया होगा, लेकिन यहां सफर करीब 3 घंटे का था, ऐसे में ये कैसे संभव है, इंडिगो ने पूरे मामले की जानकारी डीजीसीए को दी है, अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं, फिलहाल उस पायलट को विमान उड़ाने के काम से हटा दिया गया है, जो इंडिगो का ये विमान उड़ा रहा था, बीते कुछ दिनों में ये तीसरी-चौथी घटना है, जब उसने इस तरीके की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई है.
अब यात्रियों का सामान उनके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी एयर इंडिया ने ली है, इसमें से एक फ्लाइट बेंगलुरू से उड़ी थी, जबकि दूसरी चेन्नई से, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विमानों में ऐसी कौन सी दिक्कत है, जो उड़ान से पहले समझ नहीं आ रही है, क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, पूरा देश अभी एयर इंडिया प्लेन क्रैश में जाने गंवाने वाले 241 यात्री समेत आम लोगों के हादसे से अभी उबर नहीं पाया है, कार्रवाई के नाम पर 3 जिम्मेदारों पर एक्शन लिया है, लेकिन ये घटनाएं रुकेंगी कैसे, ये बड़ा सवाल बनता जा रहा है.