नई दिल्ली: राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को होने वाले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम को लेकर खुफिया एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. एजेंसियों को आशंका है कि यह कार्यक्रम सिर्फ तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शामिल लोग इसे जेल में बंद CJP नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकते हैं.
खुफिया विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, शाम 5 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी लोग वहां से जाने से इनकार कर सकते हैं. उन्होंने 20 जून के उस विरोध प्रदर्शन का उदाहरण दिया, जिसमें अनुमति सिर्फ शाम 5 बजे तक थी, लेकिन प्रदर्शन एक महीने से ज्यादा समय तक धरने के रूप में चलता रहा. नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए बंद कर दिया है, फिर भी वहां लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है.
छोटे-छोटे समूहों में जमा हो सकते हैं लोग
सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारी सीधे सेंट्रल पार्क जाने के बजाय अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा हो सकते हैं. इससे सेंट्रल और नई दिल्ली जिलों में एक साथ कई जगहों पर भीड़ जमा होने का खतरा है. सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जुटाने और कार्यक्रम के लाइव प्रसारण से भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो सकती है. आखिरी समय में प्रदर्शन स्थल या मार्च के रास्ते बदलने की आशंका भी जताई गई है.
अगर सेंट्रल पार्क में पाबंदियां लगाई जाती हैं, तो कुछ समूह संसद भवन, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ जन-प्रतिनिधियों के आवासों की ओर मार्च करने की कोशिश कर सकते हैं. इन सभी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है.
अफरा-तफरी और हिंसा की भी आशंका
एजेंसियों ने अव्यवस्था को लेकर भी चेतावनी दी है. सेंट्रल पार्क और आसपास भीड़भाड़, अफवाहों या उकसावे की स्थिति में धक्का-मुक्की, हाथापाई या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है. असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि “तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है.” इस कार्यक्रम के जरिए जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की जा सकती है.
पिछले प्रदर्शनों से बढ़ी चिंता
एजेंसियों की चिंता CJP के पिछले प्रदर्शनों से जुड़ी है. 10 अक्टूबर को आकाशवाणी भवन के पास पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना हुई थी, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे. 11 अक्टूबर को भी टकराव की घटनाएं सामने आई थीं. पिछले प्रदर्शनों में आयोजकों द्वारा बताई गई संख्या से कहीं अधिक लोग जुटे थे और कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ी थी. इस बार हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के छात्र-युवा समूहों के शामिल होने की आशंका है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इसको देखते हुए सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी. रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और बस टर्मिनलों पर पर्याप्त पुलिस बल और भीड़ नियंत्रण उपकरण तैनात किए जाएंगे. नई दिल्ली और सेंट्रल जिलों के महत्वपूर्ण तथा वीआईपी इलाकों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. भीड़ पूरी तरह छंटने तक पुलिस तैनात रहेगी. राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है.