तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने मंगलवार को एक बड़ी और सख्त चेतावनी दी है. ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ कह दिया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका तेहरान की सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं कर देता.
सरकारी टेलीविजन पर बोलते हुए गालिबाफ ने दो टूक कहा कि मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक समझौता ज्ञापन (MoU) में तय अमेरिकी वादे पूरी तरह पूरे नहीं हो जाते. नाकाबंदी हटाना, तेल पर लगे बैन का खात्मा और हमारे एसेट्स को रिहा करना, ये हमारी मुख्य मांगें हैं और इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता.
ईरान की प्रमुख मांगों में शामिल हैं, ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत हटाना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करना और विदेशों में जमी ईरानी परिसंपत्तियों को अनफ्रीज करना. यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए 60 दिन के समझौता ज्ञापन (MoU) की समयसीमा सोमवार (17 अगस्त) को समाप्त हो रही है. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी तेज हो गई है.
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में ईरान की इस चेतावनी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. गालिबाफ ने दोहराया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा.