कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के पद को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहे विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है. अदालत ने फैसला सुनाया है कि टीएमसी के ऋतब्रत बनर्जी तब तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे, जब तक सिंगल बेंच दो महीने के भीतर इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं सुना देती.
जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की डिवीजन बेंच ने यह आदेश पारित किया. यह पूरा विवाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथीन बोस के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया था.
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और ममता बनर्जी खेमे के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था. उनका आरोप था कि स्पीकर ने उनके नाम की अनदेखी की. इससे पहले 18 जून को सिंगल बेंच ने स्पीकर के फैसले पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
इसके बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की. अदालत ने अब सिंगल बेंच को दो महीने के भीतर पूरे मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है. अदालत के इस आदेश का मतलब है कि फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी बिना किसी रुकावट के विपक्ष के नेता की जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे. अंतिम फैसला सिंगल बेंच की विस्तृत सुनवाई पर निर्भर करेगा.