सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में सरकारी जमीन पर बने एक भव्य मदरसे को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. प्रशासन के मुताबिक, यह निर्माण ग्रामसभा की उस जमीन पर किया गया था, जो राजस्व अभिलेखों में खेल के मैदान के रूप में दर्ज है. कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद की गई और इससे पहले मामले में लंबी कानूनी सुनवाई भी हुई.
जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की जांच में मदरसे का निर्माण सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित जमीन पर पाया गया. लेखपाल की रिपोर्ट और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की स्थिति स्पष्ट की गई. प्रशासन की ओर से पक्षकारों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया और मामला मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचा. सुनवाई पूरी होने के बाद अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुआ.
इसके बाद प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मदरसे के भवन को गिरा दिया गया. अधिकारियों ने कार्रवाई को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताया है. प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा.
सिद्धार्थनगर में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों से अतिक्रमण हटाने का अभियान पहले भी चल चुका है. नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की जांच और कार्रवाई को लेकर प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है. 2025 में भी जिले में सरकारी जमीन पर बने कई मदरसों को लेकर कार्रवाई की गई थी.