वाराणसी ; उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में गर्म समोसे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है. जाल्हूपुर बाजार में फरवरी में हुई इस घटना में एक अधिवक्ता और दुकानदार के बीच गर्म समोसा देने को लेकर कहासुनी हुई थी. मामला इतना बढ़ा कि अधिवक्ता ने मारपीट और छिनैती के आरोप लगाए. करीब पांच महीने तक थाने और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के चक्कर काटने के बाद आखिरकार कोर्ट की शरण लेनी पड़ी.
जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता शिवशंकर सिंह फरवरी में जाल्हूपुर बाजार स्थित एक दुकान पर समोसा खाने के लिए रुके थे. आरोप है कि दुकान से उन्हें ठंडे समोसे दिए गए. उन्होंने दुकानदार से गर्म समोसा देने को कहा. इसी बात को लेकर दुकानदार और अधिवक्ता के बीच विवाद शुरू हो गया.
अधिवक्ता का आरोप है कि दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह ने गर्म समोसा देने के बजाय उनसे विवाद किया. इस दौरान कथित तौर पर मारपीट और छिनैती की घटना हुई. विवाद के दौरान दुकानदार की ओर से कथित तौर पर यह तंज भी कसा गया कि कलेक्टर हो क्या, जो तुम्हें गर्म समोसा दें? इसके बाद मामला और बिगड़ गया.
अधिवक्ता ने घटना के बाद पुलिस से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का भी रुख किया. करीब पांच महीने तक कार्रवाई का इंतजार करने के बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया.
कोर्ट के आदेश के बाद चौबेपुर पुलिस ने दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए मारपीट और छिनैती के आरोपों की जांच कर रही है. दो गर्म समोसों से शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है और इलाके में भी इसकी खूब चर्चा है.