वाशिंगटन: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को मारने की साजिश रचने वाले एक 32 साल के ईरानी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह शख्स ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा हुआ था और कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए यह प्लान बना रहा था.
कौन है मोहम्मद बकीर साद दाऊद अल-सादी?
आरोपी की पहचान मोहम्मद बकीर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है. सुलेमानी की मौत के बाद उसने इवांका को निशाना बनाने की कसम खाई थी. वह सुलेमानी को अपने पिता के समान मानता था. उसने कहा था, ''ट्रंप ने हमारे घर को उजाड़ा है, अब हम उनके घर को जलाएंगे.''
घर का नक्शा तैयार, सोशल मीडिया पर दी धमकी
जांच एजेंसियों ने पता लगाया कि अल-सादी ने इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित घर का विस्तृत नक्शा और ब्लूप्रिंट बना लिया था. उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उस इलाके का नक्शा पोस्ट करते हुए अरबी में धमकी भरा संदेश लिखा था. उसमें लिखा था कि न तो महल और न ही सीक्रेट सर्विस उन्हें बचा पाएगी. बदला लेना अब सिर्फ समय की बात है.
वीआईपी पासपोर्ट और ट्रैवल एजेंसी का आवरण
अल-सादी कोई साधारण व्यक्ति नहीं था. उसके पास इराक का विशेष सर्विस पासपोर्ट था, जिसकी वजह से वह बिना चेकिंग के दुनिया भर में घूम सकता था. उसने एक ट्रैवल एजेंसी चलाई हुई थी, जो धार्मिक यात्राओं का काम करती थी. इसी के जरिए वह दुनिया भर में अपने आतंकी नेटवर्क को सक्रिय रखता था.
तुर्की में हुई गिरफ्तारी, अभी कहां है अल-सादी?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी को 15 मई को तुर्की में पकड़ा गया और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया. उसके ऊपर अमेरिका और यूरोप में कई हमलों और साजिशों का आरोप है. वह हिजबुल्लाह और कताइब हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से भी जुड़ा हुआ था.
वर्तमान में उसे न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) की उच्च सुरक्षा वाली जेल में रखा गया है. यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव को और गहरा करती दिख रही है, क्योंकि यह साजिश सुलेमानी की मौत से सीधे जुड़ी हुई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं.