नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. अमेरिका ने ईरान को इजरायल के संभावित हत्या षड्यंत्र की चेतावनी दी है. लक्ष्य में हैं ईरान के दो प्रमुख शांति वार्ताकार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों के जरिए ईरान को अलर्ट किया कि इजरायल इन दोनों नेताओं को निशाना बना सकता है. वॉशिंगटन को आशंका है कि यदि ऐसा हुआ तो अप्रैल से चल रही नाजुक सीजफायर (युद्धविराम) वार्ताएं पूरी तरह बिगड़ सकती हैं.
क्यों है अमेरिका चिंतित?
युद्ध के शुरुआती चरण में इजरायल ने ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं को मार गिराया था, जिसमें सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे. अब शांति की दिशा में प्रगति हो रही है, लेकिन इजरायल अभी भी पूर्ण रिजीम चेंज चाहता है. अराघची और घालिबाफ दोनों ही अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं के केंद्रीय चेहरे हैं. जून में दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर आगे की चर्चा का फ्रेमवर्क एग्रीमेंट हो चुका है.
घालिबाफ पहले भी दो बार मौत के मुंह से बाल-बाल बचे हैं. हाल ही में जब वे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस से बातचीत के बाद तेहरान लौट रहे थे, तब इजरायली लड़ाकू विमानों के ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने की सूचना मिली थी. विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. अमेरिका और इजरायल के बीच शुरू में घनिष्ठ संबंध थे, लेकिन अब दोनों के लक्ष्य अलग-अलग हो गए हैं.
अमेरिका शांति चाहता है, जबकि इजरायल का मानना है कि यह समझौता ईरान को फिर से मजबूत होने का मौका देगा. अभी तक दोनों नेता अपनी यात्राओं से नहीं रुके हैं और मई में कतर व स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता में शामिल भी हो चुके हैं. यह घटनाक्रम दिखाता है कि मध्य पूर्व में शांति की राह कितनी पेचीदा और खतरनाक बनी हुई है.