PoK demand as guru dakshina: जगद्गुरु रामभद्राचार्य से आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से गुरू दक्षिणा में मांगा PoK, क्या अब फिर से होगा भारत-पाक युद्ध?

Abhishek Chaturvedi 29 May 2025 08:44: PM 3 Mins
PoK demand as guru dakshina: जगद्गुरु रामभद्राचार्य से आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से गुरू दक्षिणा में मांगा PoK, क्या अब फिर से होगा भारत-पाक युद्ध?
  • जब आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य, हमें न रत्न चाहिए, न वस्त्र, गुरु दक्षिणा में दो पीओके!
  • मां सीता ने जो मंत्र हनुमानजी को दिया, वही मंत्र रामभद्राचार्य ने आर्मी चीफ को दिया, क्या सेना करने जा रही कुछ बड़ा?

PoK demand as guru dakshina:  क्या इंडियन आर्मी कोई बड़ी तैयारी में है, जब पीएम मोदी बंगाल और बिहार में रैली कर रहे थे, सांसदों का प्रतिनिधिमंडल विदेशों में पाकिस्तान की पोल खोल रहा था, आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अचानक से जगद्गुरु रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लेने क्यों पहुंच जाते हैं, क्या देश में कुछ ऐसा भी हो रहा है, जिसे आप खुली आंखों से देख और समझ नहीं पा रहे हैं. 

28 मई की शाम एक आदेश आता है, जम्मू-कश्मीर के LOC और पंजाब-राजस्थान बॉर्डर वाले इलाके में फिर से मॉक ड्रिल होगा, कुछ ही देर बाद इस पर रोक लग जाती है, और एक नई ख़बर सामने आती है, पता चलता है मध्य प्रदेश के चित्रकूट में, जहां जगद्गुरु रामभद्राचार्य का तुलसीपीठ आश्रम है, वहां आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ पहुंचते हैं, और करीब 5 घंटे का वक्त वहां बीताते हैं. आश्रम में जाना, संतों से मुलाकात करना, निजी यात्रा का हिस्सा हो सकता है, लेकिन वहां जाकर दीक्षा लेना, और फिर गुरु की ओर से दक्षिणा में पीओके मांग लेना, मीडिया में बयान सामने आना कुछ बड़ा इशारा करता है. आर्मी चीफ के वहां से लौटने के करीब 24 घंटे बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान वायरल होता है, जिसमें कहा जाता है

आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अपनी धर्मपत्नी के साथ यहां आए थे. उन्हें मैंने वही दीक्षा दी है, जो मां सीता ने हनुमानजी को लंका विजय के लिए दी थी. हमने दक्षिणा में पीओके मांगा है, उनसे कई मुद्दों पर बातचीत हुई है.

इधर ऑपरेशन सिंदूर को भी सनातन से जोड़ा गया, एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हनुमानजी की चौपाई का जिक्र किया, तो क्या हनुमानजी के आदर्शों पर चलकर सेना जल्द पीओके वापस लेने वाली है. अब गुरु-शिष्य परंपरा का नियम ये कहता है कि गुरु ने अगर कुछ मांग लिया तो शिष्य को देना ही होगा, अब पीओके पाकिस्तान का हिस्सा है, और जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अगले साल इस पद से रिटायर हो सकते हैं, इस हिसाब से उनके पास पीओके के लिए एक साल का वक्त बचा है, सेना और सरकार दोनों कह रही है ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, यहां तक कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ये कहा है कि

हम चाहते तो पाकिस्तान को और नुकसान पहुंचा सकते थे, लेकिन हमने संयम बरता, पीओके के लोग खुद एक दिन चलकर आएंगे और कहेंगे मैं भारत हूं, मैं वापस आया हूं.

तो सवाल है क्या अंदरखाने कोई बड़ी तैयारी चल रही है, जिसका इशारा सरकार बार-बार दे रही है, आर्मी चीफ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य की मुलाकात पर कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं, उनका दावा है सेना धर्मनिरपेक्ष होती है, तो ऐसे कार्यक्रमों से अधिकारियों को बचना चाहिए, और ये शायद पहली बार है जब किसी आर्मी चीफ ने इस तरीके से दीक्षा ली हो, और सेना के अधिकारी खुलकर सनातन ग्रंथों का जिक्र कर रहे हैं, तो इशारा क्या है. समझिए और जवाब दीजिए. क्योंकि आर्मी चीफ का दौरा सिर्फ जगद्गुरु से मुलाकात का नहीं था, बल्कि वहां बन रहे दिव्यांग विश्वविद्यालय के छात्रों से भी वो मिलते हैं, उनका योग देखकर गदगद हो उठते हैं, साथ ही सदगुरु नेत्र चिकित्सालय भी जाते हैं, और कहते हैं

मैं मेडिकल बैकग्राउंड से आता हूं, और मानता हूं कि भगवान के बाद डॉक्टर सबसे बड़े होते हैं.

उपेन्द्र द्विवेदी चूंकि मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले हैं, पिता डिप्टी कलेक्टर से पद से रिटायर थे, मां-बाप इस दुनिया में नहीं है, पर अध्यात्म से इनका लगाव गहरा रहा है, जिसकी झलक इन तस्वीरों में दिखती है. पुराने जमाने में राजा ऐसे ही किसी बड़ी लड़ाई से पहले संतों का आशीर्वाद लेते थे, ऋषि-मुनियों से शुभ मुहूर्त पूछते थे, तो क्या पीओके की असली लड़ाई इस मुलाकात के साथ शुरू हो चुकी है.

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