नई दिल्ली: सोमवार शाम 6:52 बजे लाल किले के पास फटने वाली i20 कार दोपहर करीब 2:30 बजे कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में घूमती हुई दिखी. जांच एजेंसियों के सूत्रों ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, ड्राइवर मोहम्मद उमर ने शाम तक इंतजार करने का फैसला किया ताकि निशाना बनाया गया इलाका भीड़भाड़ वाला हो और ज्यादा से ज्यादा लोग प्रभावित हों.
वह पहले चांदनी चौक में गौरी शंकर मंदिर की ओर गया, फिर सुनहरी मस्जिद के पार्किंग लॉट में कार खड़ी कर दी, जहां उसने तीन घंटे से ज्यादा समय इंतजार किया. ब्लास्ट से पहले की घटनाओं का विस्तृत पुनर्निर्माण कार की फरीदाबाद से दिल्ली के दिल तक की डरावनी यात्रा को उजागर करता है. सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे i20 को फरीदाबाद के एक अस्पताल के बाहर देखा गया.
सुबह 8:04 बजे यह बदरपुर टोल प्लाजा से दिल्ली में दाखिल हुई. 16 मिनट बाद ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में उमर मास्क पहने नजर आया. इसके बाद कार दिल्ली के कई हिस्सों से गुजरी और करीब सात घंटे तक पता नहीं चला, जब तक कि दोपहर करीब 3:15 बजे सुनहरी मस्जिद के पार्किंग लॉट में नहीं पहुंची.
जांचकर्ताओं द्वारा देखे गए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, कार दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:25 बजे तक पार्किंग में स्थिर रही. जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उमर पूरे समय कार के अंदर ही रहा, एक बार भी बाहर नहीं निकला, जब तक कि शाम 6:48 बजे कार बाहर नहीं निकाली. विस्फोट से पहले आखिरी 25 मिनट में कार व्यस्त चांदनी चौक इलाके की ओर बढ़ती दिखी.
फिर लाल किले के पास यू-टर्न लिया और सुभाष मार्ग पर लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास रुकी. पल भर बाद, शाम 6:52 बजे, एक शक्तिशाली धमाका हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और कम से कम 30 अन्य घायल हो गए.
जांचकर्ता कार के पूरे रूट को कवर करने वाले 1000 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि बीच में कोई और कार में सवार हुआ या उतरा या फिर उमर अकेला ही था. दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ली गई एक सीसीटीवी फुटेज में हरियाणा नंबर प्लेट वाली i20 फरीदाबाद के एक पेट्रोल पंप के पास प्रदूषण जांच के लिए खड़ी दिखी. जांचकर्ताओं के अनुसार, उसमें तीन लोग नजर आ रहे थे.