Jantar Mantar Protest : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होता. उन्होंने दावा किया कि देशभर में छात्रों के आंदोलन और लगातार उठ रहे सवालों की नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की भी बनती है. इसी आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस्तीफे की मांग की.
कन्हैया कुमार ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां हुईं, परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में आई और लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, तो इसकी जवाबदेही सिर्फ एक मंत्री तक सीमित नहीं हो सकती. उनके अनुसार, सरकार के शीर्ष नेतृत्व को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही सबसे ऊपर से शुरू होती है और प्रधानमंत्री को भी देश के युवाओं के सामने जवाब देना चाहिए.
कांग्रेस नेता ने छात्र आंदोलन को लोकतांत्रिक संघर्ष बताते हुए कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय तक छात्रों की आवाज को अनदेखा करती रही, लेकिन जनता के दबाव के बाद शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा.
कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस आगे भी युवाओं के रोजगार, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी. उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग दोहराई. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जवाबदेह है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार का राजनीतिक बयान है. सरकार की ओर से इस मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.