पटना: बिहार की सियासत में एक नया मोड़ आया है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'टीम तेजप्रताप' के गठन का ऐलान कर दिया है. उन्होंने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है. इस कदम के साथ तेजप्रताप ने पीली टोपी और पीला गमछा लॉन्च किया, जो उनकी नई पहचान का प्रतीक है. यह कदम लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है.
शनिवार को पटना में अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में तेजप्रताप ने कहा, "हमने 'टीम तेजप्रताप' बनाई है. यह कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि जनता तक पहुंचने का एक मंच है. हम महुआ से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे." उन्होंने अपनी नई पार्टी के झंडे में पीले और हरे रंग के समावेश की बात कही और पहली बार पीली टोपी पहनकर मीडिया के सामने आए. पहले वे RJD की हरी टोपी पहनते थे, लेकिन अब पीली टोपी और पीला गमछा उनकी नई पहचान बन गया है.
तेजप्रताप ने कहा, "महुआ हमारी कर्मभूमि है. वहां की जनता हमें चाहती है, और हम उनके लिए काम करते रहेंगे." उन्होंने शाहपुरा से मदन कुमार को 'टीम तेजप्रताप' की ओर से उम्मीदवार घोषित किया और दावा किया कि उनकी टीम युवाओं, शिक्षा, रोजगार, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करेगी.
बता दें कि तेजप्रताप को हाल ही में अनुष्का यादव प्रकरण के बाद RJD और लालू परिवार से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. इस विवाद में तेजप्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का के साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं, जो बाद में डिलीट कर दी गईं. लालू यादव ने उनके "गैर-जिम्मेदाराना आचरण" का हवाला देते हुए यह कदम उठाया. तेजप्रताप ने अपने X अकाउंट से RJD और कई लोगों को अनफॉलो कर दिया, और अब वे केवल लालू यादव, राबड़ी देवी, और तेजस्वी यादव सहित कुछ चुनिंदा लोगों को फॉलो करते हैं.
इस निष्कासन को कुछ विश्लेषकों ने चुनावी रणनीति का हिस्सा माना है, ताकि लालू परिवार की छवि को नुकसान न हो. हालांकि, तेजप्रताप के इस कदम से RJD और तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, खासकर महुआ में, जहा वर्तमान में तेजस्वी के करीबी मुकेश रौशन विधायक हैं. तेजप्रताप का महुआ विधानसभा क्षेत्र से गहरा जुड़ाव रहा है. 2015 में वे पहली बार यहीं से विधायक बने थे, लेकिन 2020 में उन्होंने समस्तीपुर के हसनपुर से चुनाव जीता.
अब वे फिर से महुआ में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने महुआ मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और दावा किया कि उन्होंने अपने वादे के अनुसार क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की है. उन्होंने यह भी वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनी, तो महुआ में एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी बनाया जाएगा. महुआ में उनके रोड शो के दौरान समर्थकों ने "महुआ का विधायक कैसा हो, तेजप्रताप जैसा हो" के नारे लगाए, जिससे उनकी लोकप्रियता और समर्थन का अंदाजा लगाया जा सकता है.
तेजप्रताप का निर्दलीय चुनाव लड़ना और 'टीम तेजप्रताप' का गठन RJD के लिए चुनौती बन सकता है. महुआ में मुकेश रौशन, जो तेजस्वी के करीबी हैं, को तेजप्रताप के इस कदम से टेंशन हो सकती है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि तेजप्रताप का यह कदम परिवार और पार्टी के भीतर उनकी उपेक्षा का परिणाम हो सकता है. हालांकि, तेजप्रताप ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन देने की बात कही, लेकिन उनकी स्वतंत्र सियासी राह लालू परिवार की एकजुटता पर सवाल उठा रही है.
राबड़ी देवी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था, "हर परिवार में भाइयों के बीच बंटवारा होता है, हमारे घर में जो हो रहा है, वह कोई नई बात नहीं है." यह बयान परिवार में तनाव को दर्शाता है. तेजप्रताप ने अपने बयानों में विपक्ष पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, "महुआ से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद विरोधियों को खुजली होने लगी है, वे गाल खुजलाते रहें." उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, "इस बार चाचा (नीतीश) मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. जो सरकार युवा, रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य की बात करेगी, वही बनेगी."
तेजप्रताप ने 'टीम तेजप्रताप' के नाम से एक नया फेसबुक पेज लॉन्च किया है, जिसके कवर इमेज पर लिखा है, "जिसका कायम है प्रताप, वह है आपका अपना तेजप्रताप." उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाई है और महुआ में अपनी गतिविधियों को जोर-शोर से प्रचारित कर रहे हैं.