पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरजेडी को मिली करारी शिकस्त ने लालू प्रसाद यादव के घर में उथल-पुथल मचा दी है. बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी संजय यादव पर अपमान व धमकी के गंभीर आरोप लगाने के बाद परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया है. ऐसे में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने सोमवार को पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी.
पटना में पार्टी विधायकों की बैठक के दौरान लालू यादव ने कहा, ''यह हमारा निजी पारिवारिक विवाद है, जो घर-घर में होता रहता है. हम इसे परिवार के दायरे में ही निपटा लेंगे. मैं खुद इसकी जिम्मेदारी ले रहा हूं.'' उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हार के बाद पार्टी एकजुट होकर सुधार पर फोकस करे. बैठक में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया.
विवाद की जड़ चुनावी हार पर बहस से जुड़ी है. रोहिणी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा की. उन्होंने तेजस्वी पर चप्पल से मारने की कोशिश करने, किडनी दान को गंदी बताने और करोड़ों व टिकट के लालच का ताना देने का आरोप लगाया. रोहिणी ने संजय यादव व रमीज नेमत को मुख्य दोषी ठहराया. एयरपोर्ट पर रोते हुए उन्होंने कहा, ''मेरा परिवार बिखर गया. संजय का नाम लेते ही घर से निकाल देते हैं.''
रविवार को विवाद और भड़का जब रोहिणी की तीन अन्य बहनें- रागिनी, चंदा व राजलक्ष्मी बच्चों समेत पटना आवास छोड़कर दिल्ली चली गईं. उन्होंने टूटे विश्वास व भाई-बहनों के प्रति पक्षपात का हवाला दिया. अब लालू-राबड़ी के घर में सन्नाटा छा गया है.
विपक्ष ने इसे मौका बनाते हुए आरजेडी पर महिलाविरोधी होने का तंज कसा. बीजेपी व जेडीयू ने कहा कि किडनी दान करने वाली बेटी का यह हाल दुखद है. पार्टी के अंदर कलह से आरजेडी की कमजोरी उजागर हो रही है, जबकि एनडीए 202 सीटों से सत्ता मजबूत कर रहा है. लालू की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि परिवारिक सुलह की कोशिशें तेज होंगी, लेकिन राजनीतिक नुकसान की भरपाई मुश्किल लग रही है.