बुर्का बिगाड़ने वाला था खेल, तभी आया बड़ा आदेश, सैकड़ों बुर्केवाली महिलाओं को भेजो जेल! 

Global Bharat 24 May 2024 09:05: PM 2 Mins
बुर्का बिगाड़ने वाला था खेल, तभी आया बड़ा आदेश, सैकड़ों बुर्केवाली महिलाओं को भेजो जेल! 

26 मई को दिल्ली की सुरक्षा सबसे तगड़ी करने का आदेश आया है. शाहीन बाग से लेकर जामिया तक विशेष नजर रखने के लिए ड्रोन उड़ाने का फरमान जारी हुआ है.अर्धसैनिक बलों की 51 कंपनियां दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर मुस्तैद हो चुकी है. उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों से स्पेशली ट्रेंड कमांडोज और होमगार्ड के जवान बुलाए गए हैं.

सबको साफ कहा गया है कि बुर्के वाली महिलाओं पर विशेष नजर रखना है. जिसके बाद ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या दिल्ली में ऑपरेशन बुर्का शुरू होने वाला है. जहां भी 100 बुर्के वाली महिलाएं खड़ी होंगी वहां 2 ट्रेंड कमांडों तैनात होंगे. जिनका काम उनकी हरकतों पर नजर रखने से लेकर उनकी तलाशी लेने की होगी, क्योंकि 26 मई को दिल्ली की सात सीटों पर वोटिंग है.

चुनाव आयोग को ऐसी शिकायत मिली है कि दिल्ली की कुछ सीटों पर बुर्के वाली महिलाएं वोट को प्रभावित कर सकती हैं. दिल्ली में कुल वोटर्स की संख्या करीब डेढ़ करोड़ है, इस हिसाब से 50 वोटर पर एक जवान की ड्यूटी नजर आती है. 

कहां कितने मुस्लिम हैं...

  • दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से सबसे ज्यादा मुस्लिम वोटर्स की संख्या नॉर्थ ईस्ट दिल्ली सीट पर है

  • नॉर्थ ईस्ट दिल्ली सीट पर 20.7 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं, इनका वोट चुनाव में निर्णायक साबित होता है

  • ईस्ट दिल्ली में 16.8 फीसदी, चांदनी चौक पर 14 फीसदी, और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में 10 फीसदी मुस्लिम हैं

ये वो सीटें हैं, जहां पिछले चुनाव में बीजेपी जीती पर इस बार नॉर्थ ईस्ट दिल्ली पर मुकाबला कड़ा होता नजर आ रहा है. क्योंकि इस सीट से कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया है और बीजेपी की ओर से मनोज तिवारी चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि इसी इलाके में साल 2020 में दंगे हुए थे. इसलिए मुस्लिम वोटर्स इस बार खेल कर सकता है.

इसके अलावा अमानतुल्लाह खान की ओखला वाली सीट पर भी खेल की आशंका है. बीजेपी को ये डर है कि बुर्के की आड़ में फर्जी वोटिंग हो सकती है, इसीलिए दिल्ली बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बकायदा चुनाव आयोग से मुलाकात कर इसकी शिकायत दी है. वोटिंग वाले दिन जो भी बुर्का पहने हुए हो या फिर किसी ने मास्क लगाया हो उनका पूरी तरह से चेहरा खुला होना चाहिए ताकि किसी भी तरह की गलत वोटिंग ना हो सके और दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्य से किसी भी प्रकार का कोई फेड वोटिंग ना हो.

बीजेपी की इस मांग पर चुनाव आयोग ने ये आश्वासन दिया है कि हम हर हाल में निष्पक्ष चुनाव कराने की कोशिश करेंगे पर ओवैसी को ये बात नहीं पच रही है. वो सीधा कहते हैं कि वोटिंग तो चेहरा देखकर ही करवाई जाती है फिर पर्दा नशीन महिलाओं को परेशान करने के लिए इस तरह की हरकतें बीजेपी क्यों कर रही है. पर ओवैसी के दावों से हटकर देखें तो दिल्ली में कुल 2628 मतदान केन्द्रों में से 429 संवेदनशील केन्द्र हैं. और इन्हीं वोटिंग सेंटर को लेकर चुनाव आयोग को खास तैयारी करनी पड़ रही है.

बुर्के वाली बात इसलिए बड़ी हो जा रही है क्योंकि बीते दिनों यूपी में संभल के एक वोटिंग सेंटर से कम उम्र की लड़की 50 साल की महिला का वोट देने पहुंची थी, पर अपने मकसद में कामयाब हो पाती उससे पहले ही पकड़ ली गई थी. यहां तक कि हैदराबाद जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर बीजेपी प्रत्याशी माध्वी लता ने खुद बुर्का हटवाकर कई महिलाओं की चेकिंग की क्योंकि उन्हें गड़बड़ी की शिकायत मिली थी.

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