इंदौर: महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए अचानक चर्चा में आई खरगोन जिले की मोनालिसा भोसले अब एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है. महाकुंभ के बाद केरल में फिल्म शूटिंग के दौरान फरमान नामक युवक से उसकी मुलाकात हुई और मार्च 2026 में दोनों ने शादी कर ली. लेकिन इस अंतरधार्मिक विवाह ने अब पॉक्सो, जन्म प्रमाणपत्र हेराफेरी और लव जिहाद के आरोपों का रूप ले लिया है.
मामला तब और उलझ गया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने शादी पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि मोनालिसा शादी के समय महज 16 साल की थी और इसमें फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया. इसके बाद खरगोन पुलिस ने फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया.
केरल हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल 2026 को फरमान की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी. अब दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. मोनालिसा और फरमान ने इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके विवाह को रोकने के लिए मोनालिसा के पिता ने जन्म रिकॉर्ड में जानबूझकर हेराफेरी की है.
याचिका में गंभीर आरोप
मोनालिसा पक्ष का कहना है कि वह बालिग है और शादी सहमति से हुई है. अब इस पूरे मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में जल्द ही होने की संभावना है. महाकुंभ में एक साधारण लड़की के रूप में वायरल हुई मोनालिसा अब दस्तावेजों की सच्चाई, नाबालिगता के आरोप और सांप्रदायिक रंग वाले विवाद के बीच फंसी हुई है. कोर्ट का फैसला इस मामले में कई सवालों के जवाब तय करेगा.