पाकिस्तानी फिल्म 'द लेजेंड ऑफ मौला जट' (The Legend of Maula Jatt) रिलीज़ की खबर के बाद से इसका लगातार विरोध हो रहा है. इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष (Maharashtra Congress President) नाना पटोले (Nana Patole) ने प्रतिक्रिया देते हुए इस मामले में बीजेपी (BJP) को घेरने की कोशिश की है.
पाकिस्तान के सबसे बड़े सुपरस्टारों में से एक फवाद खान की फिल्म "द लिजेंड ऑफ मौला जट्ट", जो पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्म है वो भारत में रिलीज़ के लिए तैयार है. यह फिल्म 1979 की क्लासिक फिल्म "मौला जट्ट" का रीमेक है. इसमें फवाद के अलावा हम्जा अली अब्बासी, हुमा इमा मलिक और माहिरा खान जैसे कलाकार भी हैं. यह फिल्म भारत में 10 साल बाद रिलीज़ हो रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों के चलते इसे लेकर विवाद भी है.
दरअसल भारत में कुछ पाकिस्तानी सुपरस्टार जैसे अली ज़फर, माहिरा खान और फवाद खान के बहुत सारे चाहने वाले हैं. लेकिन 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सरकार ने पाकिस्तानी संगीतकारों पर प्रतिबंध लगा दिया था. ऐसे में "द लिजेंड ऑफ मौला जट्ट" की रिलीज़ का इंतज़ार इन कलाकारों के फैंस को बेसब्री से था.
ख़बरों के मुताबिक, यह फिल्म भारत में केवल पंजाब के कुछ चुनिंदा सिनेमा घरों में ही रिलीज़ होगी. फिल्म के निर्माता नादिम मांडविवाला ने कराची में एक इंटरव्यू में बताया कि इसे केवल पंजाब में रिलीज़ किया जा रहा है, पूरे भारत में नहीं. उनके मुताबिक, उन्हें उम्मीद है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करेगी.
आपको बता दें, अभी हाल ही में खबर आई कि फिल्म भारत में रिलीज़ हो रही है, तो फवाद और माहिरा के फैंस बेहद खुश हुए. लेकिन कुछ प्रशंसकों को यह जानकर निराशा हुई कि यह फिल्म पुरे भारत में नहीं, बल्कि सिर्फ पंजाब में ही रिलीज़ होगी. यह फिल्म 2022 में दुनिया भर में हिट रही थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर छापर फाड़ कमाई की थी.
"द लिजेंड ऑफ मौला जट्ट" की कहानी पंजाबी संस्कृति पर आधारित है, और इसके निर्माता पंजाबी दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं. एक सूत्र के अनुसार, पंजाब में फिल्म की रिलीज़ एक तरह का टेस्ट है. अगर फिल्म अच्छा प्रदर्शन करती है, तो इसे भविष्य में भारत के अलग अलग शहरों में भी रिलीज़ किया जा सकता है.