नई दिल्ली: महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के परिणामों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने विपक्षी महाविकास अघाड़ी पर बड़ी बढ़त हासिल कर ली है. घोषित नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. वहीं एमवीए काफी पीछे रह गया है. मुख्य रूप से अध्यक्ष पदों की बात करें तो भाजपा ने सबसे ज्यादा सफलता हासिल की है, उसके बाद एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार वाली एनसीपी का नंबर आता है.
विपक्ष में कांग्रेस ने कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन शरद पवार गुट की एनसीपी और उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना को सीमित सफलता ही मिली. इस शानदार प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जनता का शुक्रिया अदा किया और उद्धव गुट पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अकेले उनकी शिवसेना ने जितनी सफलता पाई, उससे ज्यादा पूरे एमवीए गठबंधन को भी नहीं मिली. शिंदे ने दावा किया कि जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि मूल शिवसेना कौन सी है और कार्यकर्ताओं का सम्मान करने वाली पार्टी कौन है.
ठाणे में मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी का स्ट्राइक रेट विधानसभा व लोकसभा की तरह ही निकाय चुनावों में भी शानदार रहा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कार्यकर्ताओं को अकेला छोड़कर घर बैठे रहे, उन्हें जनता ने घर बिठा दिया. शिंदे ने आगे कहा कि जनता की अदालत ने फैसला सुना दिया है कि असली शिवसेना उनकी है.
वहीं, हार से निराश उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने नतीजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए. उन्होंने इसे ईवीएम में हेरफेर और पैसे की ताकत का नतीजा करार दिया. राउत ने कहा कि विधानसभा चुनाव जैसे ही आंकड़े यहां दोहराए गए, मानो मशीनों की सेटिंग नहीं बदली गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर भारी खर्च किया गया, चार्टर्ड प्लेन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ, जिससे असली मुकाबला सत्ताधारियों के बीच ही ज्यादा नजर आया. ये नतीजे आगामी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं.