नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार होने का दावा दिल्ली पुलिस ने किया है. पुलिस ने एक वीडियो जारी कर कहा कि महिला कर्मियों को भीड़ में खींचा गया, उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ और कुछ प्रदर्शनकारी शराब के नशे में भी नजर आए.
दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त उपायुक्त (पीआरओ) आईपीएस अधिकारी नेहा यादव ने वीडियो संदेश में कहा कि प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. स्पष्ट निर्देश थे कि महिला प्रदर्शनकारियों से केवल महिला पुलिसकर्मी ही निपटें. उन्होंने दावा किया कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल वीडियो में भी पुरुष पुलिसकर्मी महिला प्रदर्शनकारियों को छूते नजर नहीं आते.
नेहा यादव ने कहा, “इसके बावजूद हमारी महिला स्टाफ को जो सहना पड़ा, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.” उन्होंने बताया कि कई जगहों पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और शारीरिक उत्पीड़न हुआ. कुछ पत्रकारों ने भी ऐसे दृश्य कैद किए, जिसमें महिला कांस्टेबलों को भीड़ में खींचा गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
पुलिस के अनुसार, कुछ महिला कर्मियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी शराब के प्रभाव में लग रहे थे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों के कपड़ों को खींचने की कोशिश भी की और अभद्र व्यवहार किया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसके जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच सम्मान आपसी होना चाहिए.
बॉडी-वॉर्न कैमरे भी लगाए गए
प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों पर अत्याचार के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली क्षेत्र में फ्रंटलाइन अधिकारियों और कर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे जारी किए हैं. ये कैमरे खासकर भीड़ प्रबंधन और चुनाव आयोग कार्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर तैनात कर्मियों को दिए गए हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये कैमरे घटनाओं और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रियल-टाइम रिकॉर्ड रखने में मदद करेंगे.
आरोप लगने पर ये रिकॉर्डिंग सबूत के रूप में भी काम आएंगी. यह कदम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा यौन उत्पीड़न और धक्का-मुक्की के आरोपों के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई जगहों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग भी की गई है.