नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद नीरज शेखर द्वारा अपने भाषण के दौरान बीच में टोके जाने पर अपना आपा खो दिया. खड़गे महंगाई दर सहित केंद्र सरकार की कई नीतियों की आलोचना कर रहे थे, जब पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के पूर्व नेता चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने बीच में टोका, जिसपर कांग्रेस अध्यक्ष ने भी आक्रामक प्रतिक्रिया दी.
खड़गे ने कहा कि तेरा बाप भी इधर मेरा साथी था. तू क्या बात करता है? चुप बैठ. यह बयान चंद्रशेखर के समर्थकों को पसंद नहीं आया और उन्होंने बालिया में खड़गे के पुतले जलाए. चंद्रशेखर के पोते और भाजपा विधायक रवि शंकर सिंह पप्पू ने कहा कि खड़गे जी ने सदन में एमपी नीरज शेखर जी (चंद्रशेखर के बेटे) के साथ दुर्व्यवहार किया, जो उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाता है. कांग्रेस का पतन केवल उनकी सोच और अहंकारी विचारधारा के कारण हुआ है.
इस आलोचना के जवाब में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चंद्रशेखर को एक साथी कहा और कहा कि मैं किसी का अपमान नहीं करता, मैं चंद्रशेखर जी के साथ काम कर चुका हूं. मूल रूप से एक कांग्रेस नेता, चंद्रशेखर ने नवंबर 1990 में जनता पार्टी के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री बने, जिसे कांग्रेस ने समर्थन दिया था. हालांकि, उनका कार्यकाल अल्पकालिक था, क्योंकि उनकी सरकार जल्द ही गिर गई.
इसी बीच विवाद को बढ़ता देख सभापति जगदीप धनखड़ ने दोनों को शांति बनाए रखने के लिए कहा और खड़गे से अपना बयान वापस लेने की बात कही. बता दें कि बीजेपी नेता और खड़गे के बीच यह बहस तब देखने को मिली जाब 3 फरवरी को बजट सत्र के तीसरे दिन अमेरिकी डॉलर को लेकर बहस हो रही थी. तब शेखर ने खड़गे को बीच में टोका था. इस पर कांग्रेस नेता ने भी शेखर को कहा कि उनके पिता उनके दोस्त थे, इसलिए बीच में टोके नहीं.