Abhishek Banerjee Atteck Video : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने कोलकाता के प्रसिद्ध बेल व्यू अस्पताल के अधिकारियों पर दबाव बनाया ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती किया जा सके, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में किसी गंभीर चोट का उल्लेख नहीं था.
आरोपों के अनुसार, अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रदीप टंडन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर कथित रूप से दबाव डाला गया. दावा किया जा रहा है कि चिकित्सकीय आवश्यकता न होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की गई, ताकि घटना को राजनीतिक रूप से भुनाया जा सके. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.
विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यदि किसी राजनीतिक नेता के प्रभाव का इस्तेमाल चिकित्सा संस्थानों पर दबाव बनाने के लिए किया गया है, तो यह बेहद गंभीर मामला है. आलोचकों का तर्क है कि अस्पतालों का काम केवल चिकित्सकीय जरूरतों के आधार पर मरीजों का इलाज करना है, न कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना.
वहीं, टीएमसी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह स्वास्थ्य संस्थानों की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है. फिलहाल पूरे मामले को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.