Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव शुरू हो गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पिछले 15 साल से इस्तेमाल की जा रही विधानसभा कुर्सी को उनके पुराने कमरे से हटाकर अब विपक्ष के नेता वाले कमरे में पहुंचा दिया गया है. नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री वाली कुर्सी का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उनके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में नई कुर्सी की व्यवस्था की गई है.
सूत्रों के मुताबिक, यह लकड़ी की कुर्सी शुक्रवार रात को ही शिफ्ट कर दी गई. राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए प्रशासन के अनुसार पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. स्थापित प्रोटोकॉल के तहत पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़े फर्नीचर और आधिकारिक प्रतीकों को हटा दिया गया है. ममता बनर्जी के कमरे के बाहर लगी नामपट्टिका भी हटा ली गई है, वहीं मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर अब सुवेंदु अधिकारी का नाम लगा दिया गया है.
20 जून को मनाया जाएगा पश्चिम बंगाल दिवस
शपथ ग्रहण के अगले दिन सुवेंदु अधिकारी ने एक अहम घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल और विधानसभा के सामने रखेगी. उन्होंने इस तारीख को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 20 जून 1947 को पश्चिम बंगाल के विधायकों ने भारत के साथ रहने के पक्ष में वोट दिया था, जिसकी वजह से राज्य आज भारत का हिस्सा है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल के लोग लोकतांत्रिक भारत में रह पा रहे हैं, इसका श्रेय इसी फैसले को जाता है.”
पहले क्या था विवाद?
ममता बनर्जी की सरकार ‘पोइला बैशाख’ को स्थापना दिवस के रूप में मनाती थी. लेकिन 2023 से केंद्र सरकार द्वारा 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद राजभवन (अब लोक भवन) और राज्य सरकार के बीच टकराव शुरू हो गया था. तब ममता बनर्जी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी, लेकिन राजभवन ने 20 जून को कार्यक्रम आयोजित किया था.
शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी सबसे पहले भवानीपुर स्थित जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास पर गए. बता दें कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस बार भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी के हाथों चुनाव हार गई थीं. यह बदलाव सत्ता हस्तांतरण के बाद प्रतीकात्मक रूप से नए युग की शुरुआत के संकेत दे रहे हैं.