नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि उसने अपनी शराब पी ली थी. यह घटना सोमवार सुबह हुई, जब 65 वर्षीय हिरामन धुर्वे ने अपने 35 वर्षीय बेटे दिलीप धुर्वे को लकड़ी के डंडे से पीट-पीटकर मार डाला. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. हिरामन धुर्वे ने अपने लिए शराब खरीदी थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनके बेटे दिलीप ने वह शराब पी ली, तो उनका गुस्सा भड़क उठा.
इस बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. गुस्से में आकर हिरामन ने लकड़ी का डंडा उठाया और दिलीप के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दिलीप की मौके पर ही मौत हो गई. दिलीप की पत्नी राजकुमारी धुर्वे की शिकायत पर पुलिस ने हिरामन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. इस दंपति के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र 5 साल और 2.5 साल है.
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पुलिस के अनुसार, दिलीप बेरोजगार था और उसे शराब की लत थी. इस वजह से घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे. दिलीप की शराब की आदत परिवार के लिए पहले से ही परेशानी का सबब थी, और इस बार शराब को लेकर हुए विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि पिता ने अपने ही बेटे की जान ले ली. यह घटना परिवार में शराब की लत के गंभीर परिणामों को दर्शाती है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारी अर्जुन थोसरे और सब-इंस्पेक्टर दीपक दलवी ने घटनास्थल का मुआयना किया और मामला दर्ज किया.
आरोपी पिता हिरामन को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके. यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में शराब की लत और इसके दुष्परिणामों पर भी सवाल उठाती है.
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दिलीप के दो छोटे बच्चों और पत्नी के सामने अब अनिश्चितता का माहौल है. इस घटना ने स्थानीय समुदाय को भी झकझोर दिया है और शराब की लत को नियंत्रित करने की जरूरत पर जोर दिया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई और कारण भी था या यह सिर्फ शराब को लेकर हुआ विवाद था. हिरामन से पूछताछ जारी है, और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार में पहले से चल रहे तनाव का इस घटना में कितना योगदान था.
दो बच्चों को डूबने से बचाने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत
उधर कन्याकुमकुमारी के कुलिथराई में एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने तमिरभरनी नदी में डूब रहे दो बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. इस व्यक्ति की पहचान पीटर के रूप में हुई है, जो एक बुनकर थे. यह दुखद घटना तब हुई जब पीटर, अपने काम पर जाते समय, नदी में दो बच्चों को डूबते हुए देखा. बच्चों को बचाने के लिए उन्होंने बिना हिचक नदी में छलांग लगा दी. हालांकि, पीटर दोनों बच्चों को सुरक्षित बचाने में सफल रहे, लेकिन इस दौरान वह खुद नदी की तेज धारा में बह गए और लापता हो गए.
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घटना की सूचना मिलते ही कुलिथराई अग्निशमन और बचाव सेवा को तुरंत सूचित किया गया. बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की. कई घंटों की मेहनत के बाद, बचाव दल को पीटर का शव नदी से मिला. इस घटना ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया, क्योंकि पीटर ने अपनी जान की परवाह किए बिना दो बच्चों की जिंदगी बचाई थी.
पीटर के परिवार में उनके एक बेटा और बेटी हैं, जो अब अपने पिता और परिवार के मुख्य कमाने वाले के बिना अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं. पीटर के इस बहादुरी भरे कार्य की सराहना करते हुए, कुलिथराई के स्थानीय निवासियों ने उनके परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. समुदाय ने सरकार से मांग की है कि पीटर के परिवार को मुआवजा दिया जाए और उनके बेटे को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि उनके बलिदान को सम्मान मिले.