वाशिंगटन: ईरान के साथ फरवरी 2026 में शुरू हुए युद्ध में अमेरिका को अपनी वायुसेना को लेकर बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है. अमेरिकी संसद की रिसर्च सर्विस (CRS) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Operation Epic Fury के दौरान अमेरिका के कुल 42 लड़ाकू विमान, टैंकर और ड्रोन या तो पूरी तरह नष्ट हो गए या उन्हें गंभीर क्षति पहुंची है.
पेंटागन के मुताबिक इस पूरे अभियान पर अब तक 29 अरब डॉलर (करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा खर्च हो चुका है, जिसमें मुख्य रूप से नष्ट हुए हथियारों और विमानों की मरम्मत व प्रतिस्थापन की लागत शामिल है.
कौन-कौन से विमान हुए प्रभावित?
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए थे. अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हो गया था.
ईरानी विदेश मंत्री ने हाल ही में इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए कहा कि उनकी सेना ने अमेरिका के सबसे आधुनिक F-35 को भी निशाना बनाया है और भविष्य में कोई नई लड़ाई हुई तो और भी बड़े झटके देने की तैयारी है. अमेरिकी संसद में इस नुकसान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्ध अमेरिकी वायुसेना की क्षमताओं पर नए सवाल खड़े करता है.