मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का संवेदनशील अंदाज देखने को मिला. जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर एक बुजुर्ग महिला जब तीसरी बार अपनी फरियाद लेकर पहुंची तो उसकी पीड़ा सुनकर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दे दिए.
बुजुर्ग चंदा अपनी जमीन से जुड़ी शिकायत लेकर लगातार जनसुनवाई में पहुंच रही थीं. उम्र के इस पड़ाव में बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने की उनकी मजबूरी देखकर जिलाधिकारी ने तत्काल तहसीलदार को अपने कार्यालय में बुलाया.
उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और बुजुर्ग महिला को अकेले भटकने के बजाय सरकारी व्यवस्था के जरिए गांव भेजने का निर्देश दिया. इसके बाद बुजुर्ग चंदा को तहसीलदार के साथ सरकारी गाड़ी से उनके गांव भेजा गया, ताकि जमीन से जुड़े मामले की मौके पर जांच हो सके. इस दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम महावन को भी जमीन की जांच कराने के निर्देश दिए.
डीएम ने स्पष्ट कहा कि अगर जांच में जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए. प्रशासन के इस कदम से बुजुर्ग महिला को अपनी शिकायत के समाधान की उम्मीद जगी.
जनसुनवाई में अक्सर लोग अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचते हैं, लेकिन बुजुर्ग चंदा की कहानी कुछ अलग थी. तीसरी बार अपनी फरियाद लेकर पहुंची महिला की परेशानी को सुनकर जिलाधिकारी ने सिर्फ आश्वासन देने के बजाय तत्काल अधिकारियों को सक्रिय किया.
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि अगर प्रशासन संवेदनशीलता के साथ किसी फरियादी की बात सुने और मौके पर कार्रवाई शुरू करे, तो एक बुजुर्ग के लिए सरकारी दफ्तर की चौखट सिर्फ शिकायत दर्ज कराने की जगह नहीं, बल्कि उम्मीद का दरवाजा भी बन सकती है.