मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी नेटवर्क का खुलासा किया है जिसने पुलिस व्यवस्था की नकल करते हुए पूरी की पूरी नकली पुलिस चौकी खड़ी कर दी थी. इस गिरोह का मुख्य आरोपी राहुल बताया जा रहा है, जो खुद को पहले पत्रकार भी बताता था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह ने असली पुलिस की तरह कामकाज दिखाने के लिए बीट रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य सरकारी रिकॉर्ड जैसी सामग्री भी तैयार कर रखी थी.
पुलिस के अनुसार, इस फर्जी चौकी में अलग-अलग लोगों को CO, दरोगा और कांस्टेबल की भूमिका दी गई थी. सभी आरोपी पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी पहनकर लोगों पर रौब जमाते थे और खुद को असली अधिकारी बताकर कार्रवाई करने का दावा करते थे. शुरुआती जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी सिस्टम का इस्तेमाल लोगों से वसूली, विवादों में हस्तक्षेप या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए तो नहीं किया जा रहा था. मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य सामान पुलिस ने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल थे, कितने समय से यह फर्जी चौकी संचालित हो रही थी और कितने लोग इसके झांसे में आता. साथ ही आरोपी राहुल के पत्रकार होने के दावे और उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी सरकारी पहचान या प्रतीक का दुरुपयोग हुआ है तो संबंधित धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी.