मदरसे से 20 लाख रुपए के नकली नोट बरामद होने के बाद एक्शन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

Amanat Ansari 03 Nov 2025 02:51: PM 2 Mins
मदरसे से 20 लाख रुपए के नकली नोट बरामद होने के बाद एक्शन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के एक छोटे से गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने स्थानीय मदरसे से करीब 20 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए. यह छापेमारी महाराष्ट्र के मालेगांव में एक मुस्लिम मौलवी की गिरफ्तारी के बाद हुई, जहां उसे कुछ दिन पहले नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था. पैठिया गांव में पुलिस छापारविवार शाम गांववासी हैरानी से देखते रहे जब पुलिस टीम मदरसे पर तलाशी लेने पहुंची.

मौलवी के कमरे में अधिकारियों को 500 और 200 रुपए के नकली नोटों से भरा बैग मिला. आरोपी जुबैर अंसारी को महज तीन महीने पहले इमाम नियुक्त किया गया था. बुरहानपुर का रहने वाला जुबैर नियुक्ति के बाद से बार-बार छुट्टी लेता रहा. 26 अक्टूबर को उसने प्रबंधन को मां की तबीयत खराब होने की बात कही और गांव से चला गया, वापस नहीं लौटा. कुछ दिन बाद मालेगांव में उसकी गिरफ्तारी सुर्खियों में आई.

मालेगांव पुलिस ने 29 अक्टूबर को सूचना के आधार पर जुबैर और बुरहानपुर के ही नजीम अंसारी को मुंबई-अग्रा राजमार्ग पर होटल एवन के पास रोका. दोनों के पास से 10 लाख रुपए के नकली नोट बरामद हुए. जुबैर की पृष्ठभूमि की जांच के बाद मालेगांव पुलिस ने खंडवा अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद पैठिया मदरसे पर छापा मारा गया और दोगुनी राशि (करीब 19 लाख रुपए) के नकली नोट मिले.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तरनेकर के मुताबिक, ज्यादातर नोट 500 रुपए के थे, कुछ 200 रुपए के बंडल भी थे. गांववालों ने मालेगांव गिरफ्तारी का वायरल वीडियो देखकर जुबैर को पहचाना और स्थानीय पुलिस को सूचना दी. जवार पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तलाशी ली. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है. पुलिस अब नकली नोट रैकेट के पैमाने और इमाम की भूमिका की जांच कर रही है.

यह पता लगाया जा रहा है कि नोट स्थानीय स्तर पर छापे गए थे या मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र में फैले बड़े नेटवर्क से आए थे. मदरसा कमेटी ने खुद को आरोपी से अलग कर लिया है. पैठिया मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष कलीम खान ने कहा कि उन्हें जुबैर के कथित आपराधिक संबंधों की कोई जानकारी नहीं थी. मालेगांव पुलिस के पूछताछ पूरी करने पर और खुलासे की उम्मीद है. घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कई मदरसेअवैध गतिविधियों के केंद्रबनते जा रहे हैं और राज्य भर में उनके संचालन की व्यापक समीक्षा की जरूरत है.

इंदौर में विजयवर्गीय ने कहा, “जो मदरसे कभी शिक्षा के केंद्र थे, अब अवैध गतिविधियों के अड्डे बन रहे हैं. बाहरी लोग आकर इनमें काम कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि सरकार को मदरसों में पढ़ाने और काम करने वालों की विस्तृत जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि इस मामले को गंभीरता से लें और राज्य में संचालित सभी मदरसों की निगरानी के लिए नीति बनाएं.

fake currency counterfeit notes madrasa imam Khandwa news

Recent News